केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं। उन्होंने जम्मू में कहा कि पहले पथबाजी (Stone pelting) की घटनाएं होती थीं, क्या आपने अब ऐसी कोई घटना देखी है? अब ऐसी कोई घटना नहीं होती है। अब जो बदलाव आया है हमें उसे समझना होगा। हमने प्रशासन में उन लोगों की पहचान की है जो आतंकवाद (Terrorism) का समर्थन कर रहे थे और उन्हें जड़ से उखाड़ फेंका है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जम्मू कश्मीर दौर पर
अमित शाह ने कहा कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद, जम्मू-कश्मीर के लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिला। जब लोग बदलाव का स्वागत करते हैं तो लोकतंत्र मजबूत होता है। जम्मू-कश्मीर के 3 परिवारों की पहचान करना महत्वपूर्ण है जिन्होंने विकास के बजाय अलगाववाद को पोषित किया। पीएम मोदी ने उन युवाओं को कंप्यूटर और रोजगार दिया, जिनके हाथ में पहले (पत्थरबाजी के लिए) पत्थर थे।
उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में रिकॉर्ड तोड़ 50 लाख पर्यटक जम्मू आए हैं और 22 लाख पर्यटक कश्मीर गए हैं। पर्यटन से जम्मू-कश्मीर के युवाओं को बड़ा फायदा होगा। आज जम्मू में विकास को गति देनी वाली करीब 1960 करोड़ की विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास हो रहा है। आजादी के 70 सालों में जम्मू एवं कश्मीर में केवल 15 हजार करोड़ रुपए का ही निवेश आया था लेकिन 2019 से अब तक करीब 56 हजार करोड़ रुपए का निवेश आ चुका है।
उन्होंने का कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने जम्मू-कश्मीर में जम्हूरियत को तीन परिवारों से निकाल कर 30 हजार पंचायती सदस्यों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया है। पहले परिसीमन सिर्फ 3 परिवारों के फायदे के लिए था, आजादी के बाद पहली बार अब सही मायने में जम्मू-कश्मीर में परिसीमन हुआ है जिससे पहाड़ी क्षेत्र के लोगों को उनका अधिकार मिला है।
