जयशंकर ने नेहरू दौर के कई फैसलों पर उठाए सवाल, कहा- देश का भी होना चाहिए ऑडिट

  • Edited by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 20, 2024, 07:59 PM IST

विदेश मंत्री ने तर्क दिया कि आजादी के बाद के शुरुआती वर्षों में यह बिल्कुल नेहरूवादी विचारधारा का बुलबुला था। नेहरू अमेरिका के खिलाफ थे, इसलिए हर कोई अमेरिका के खिलाफ था।

S Jaishankar: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व वाली सरकार के कुछ प्रमुख फैसलों की आलोचना करते हुए कहा कि इस सोच से बाहर निकलने की जरूरत है कि 1946 से शुरू हुआ दौर महान वर्षों का था और देश ने इस दौरान शानदार प्रदर्शन किया। ‘न्यूज18 राइजिंग भारत समिट’ में एक सत्र के दौरान एक सवाल पर जयशंकर ने कहा कि शुरुआती वर्षों में विदेश नीति काफी हद तक नेहरूवादी वैचारिक बुलबुला थी और इसके अवशेष आज भी जारी हैं।

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एस जयशंकर (फाइल फोटो)

जयशंकर ने कई मुद्दों पर रखी बात

जयशंकर ने जी20 की अध्यक्षता के दौरान भारत की भूमिका, नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) को लेकर आलोचना, अनुच्छेद 370 को निरस्त करने और वर्तमान संदर्भ और भू-राजनीतिक परिदृश्य में भारत-चीन और भारत-पाकिस्तान संबंधों जैसे कई मुद्दों पर बात की। आजादी के बाद शुरुआती वर्षों में सरकार की विदेश नीति के बारे में पूछे जाने पर जयशंकर ने कहा, आपने पाकिस्तान को गलत पाया, आपने चीन को गलत पाया, आपने अमेरिका को सही पाया और हमारी विदेश नीति बहुत अच्छी थी। इसलिए, इसे एक तरफ रख दें।

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