Akhilesh Yadav on Maha Kumbh: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को उत्तर प्रदेश सरकार से प्रयागराज में आयोजित किए जा रहे महाकुंभ मेले की अवधि बढ़ाने का आग्रह किया। यादव ने लखनऊ में पार्टी कार्यालय में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, भारतीय जनता पार्टी के लोग आंकड़ों में भी लगातार झूठ बोलते हैं। हमारी जानकारी के अनुसार, अब तक 60 करोड़ लोग महाकुंभ में स्नान कर चुके हैं, लेकिन सरकार इसका खुलासा नहीं कर रही है। उन्होंने दावा किया, सरकार जानबूझकर कम आंकड़े बता रही है, ताकि कल अगर कोई प्रशासनिक या प्रबंधन पर अध्ययन करना चाहे तो कहीं उनकी विफलता, उनके कुप्रबंधन के बारे में जानकारी न मिल जाए।
अखिलेश यादव
महाकुंभ की अवधि बढ़ाए सरकार
महाकुंभ की अवधि बढ़ाने की मांग करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, हम सरकार से अपील करते हैं कि कई बुजुर्ग जो 65 साल से ज्यादा उम्र के हैं वे संगम में स्नान नहीं कर पाए हैं। वे स्नान करना चाहते हैं और आध्यात्मिक कार्यक्रमों में भाग लेना चाहते हैं। सरकार के डिजिटल महाकुंभ के दावों पर निशाना साधते हुए सपा प्रमुख ने कहा, सरकार ने कहा कि उसने ड्रोन तैनात किए हुए हैं और ड्रोन की मदद से कई कार्यक्रम आयोजित किए, लेकिन ड्रोन का इस्तेमाल वहां नहीं किया गया जहां होना चाहिए था। सरकार ने डिजिटल कुंभ की बात की, लेकिन अब तक संख्या नहीं बता सकी।
अखिलेश बोले, कमिश्नरी प्रणाली की दिखी विफलता
सपा प्रमुख ने पुलिस की कमिश्नर प्रणाली की कथित विफलता का जिक्र करते हुए कहा, कमिश्नरी प्रणाली (पुलिस की) की सबसे बड़ी विफलता तो प्रयागराज में देखी गई है। क्या कोई भूल सकता है कि देश और दुनिया में उत्तर प्रदेश ने कितनी बदनामी कमायी है? प्रयागराज और उसके आसपास 300 किलोमीटर लंबा जाम लगा। यादव ने कहा, ये (भाजपा) वही लोग हैं जो कह रहे हैं कि हम विकसित भारत का सपना देख रहे हैं। इस आयोजन ने उनके विकसित भारत के दावों और उनके द्वारा बनाए जा रहे बुनियादी ढांचे की पोल खोल दी है। और ये लोग अपनी पोल खुलने से डर रहे हैं तथा मीडिया सेल पर हमला कर रहे हैं।
औद्योगिक नीति को लेकर घेरा
राज्य सरकार द्वारा आयोजित निवेशक सम्मेलन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, भाजपा ने सम्मेलन आयोजित कराया, उनमें समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये गये, लेकिन बाद में उन्होंने (सरकार ने) कोई औद्योगिक नीति नहीं बनाई। इसका नतीजा यह है कि आपको सरकार की वेबसाइट पर इस संबंध में कोई जानकारी नहीं मिलेगी। जब आपने कोई औद्योगिक नीति नहीं बनाई, बजट में कुछ शामिल नहीं किया तो इसका मतलब है कि आप खुद ही मान रहे हैं कि यहां निवेश नहीं आया।
समाजवादी व्यापार सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष जगन अग्रवाल की गिरफ्तारी के बारे में पूछे गये एक सवाल पर यादव ने कहा, पार्टी ने उन्हें नयी (व्यापार सभा के अध्यक्ष की) जिम्मेदारी दी थी। पार्टी की तरफ से उन्हें सरकार की विफलताओं, व्यापारियों की समस्याओं को उजागर करना था। वह व्यापारियों की समस्याओं को लेकर अपनी बात रख रहे थे कि सरकार व्यापारियों को धोखा दे रही है, व्यापारियों को निवेश के लिए बुलाया जा रहा है और उनका बिल्कुल भी सम्मान नहीं किया जा रहा है, व्यापारी जीएसटी से परेशान हैं। जीएसटी, सरकार की मुनाफाखोरी की नीतियों और चुनावी बांड के कारण मुझे और आपको महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। अग्रवाल ने ये सवाल उठाये, लेकिन नहीं पता कि सरकार को समाजवादी मीडिया प्रकोष्ठ से क्या परेशानी है?
