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राज्यसभा के 10 सांसदों ने दिया इस्तीफा, देखें लिस्ट और जानें क्या है वजह

Delhi News: लोकसभा चुनाव जीतने वाले 10 राज्यसभा सांसदों ने उच्च सदन से इस्तीफा दे दिया है। नियम के अनुसार एक ही सदन के सदस्य रह सकते हैं। अब राज्यसभा में दस सीटें खाली हो गई हैं। इस्तीफा देने वालों में सदन के नेता पीयूष गोयल भी शामिल हैं। उन सभी 10 राज्यसभा सांसदों की लिस्ट देखें।

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इन 10 सांसदों ने दिया इस्तीफा।

Photo : Times Now Digital

10 Rajya Sabha MPs Resigned: लोकसभा चुनाव 2024 में जीत हासिल करने वाले 10 राज्यसभा सांसदों ने उच्च सदन से इस्तीफा दे दिया है। इनमें असम, बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और त्रिपुरा के सदस्य शामिल हैं। यानी अब जल्द ही खाली हुई विधानसभा सीटों के अलावा राज्यसभा के लिए भी चुनाव कराए जा सकते हैं।

राज्यसभा से 10 सांसदों ने क्यों दिया इस्तीफा?

लोकसभा का सदस्य बनने के कारण 10 राज्यसभा सांसदों ने उच्च सदन से इस्तीफा दे दिया है। नियम के अनुसार एक ही सदन के सदस्य रह सकते हैं। अब राज्यसभा में दस सीटें खाली हो गई हैं। इस्तीफा देने वालों में सदन के नेता पीयूष गोयल भी शामिल हैं। गोयल ने महाराष्ट्र की मुंबई उत्तर लोकसभा सीट से जीत हासिल की है। नीचे देखिए, किन 10 राज्यसभा सांसदों ने इस्तीफा दिया है।

क्रमांकनामराज्य
1कामाख्या प्रसाद तासाअसम
2सर्बानंद सोनोवालअसम
3मीसा भारतीबिहार
4विवेक ठाकुरबिहार
5दीपेंद्र सिंह हुड्डाहरियाणा
6ज्योतिरादित्य सिंधियामध्य प्रदेश
7उदयनराजे भोसलेमहाराष्ट्र
8पीयूष गोयलमहाराष्ट्र
9केसी वेणुगोपालराजस्थान
10बिप्लव देवत्रिपुरा
List

इस्तीफा देने वाले सांसदों की सूची।

बता दें, राज्यसभा के अलावा उत्तर प्रदेश के 9 विधायकों और 1 एमएलसी ने भी सांसद बनने के बाद इस्तीफा विधानसभा से इस्तीफा दे सकते हैं। सांसद बनने के बाद विधायक पद से कौन-कौन इस्तीफा दे सकता है नीचे पढ़ें।

यूपी में विधायक बने सांसद

1). सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव (मैनपुर की करहल विधानसभा सीट से विधायक)

2). सपा के अवधेश प्रसाद (फैजाबाद की मिल्कीपुर विधानसभा सीट)

3). सपा के लालजी वर्मा (अंबेडकर नगर की कटेहरी विधानसभा सीट)

4). सपा के जियाउर रहमान बर्क (मुरादाबाद की कुंदरकी विधानसभा सीट)

5). भाजपा के अनूप वाल्मीकि प्रधान (अलीगढ़ की खैर विधानसभा सीट)

6). भाजपा के अतुल गर्ग (गाजियाबाद विधानसभा सीट)

7). भाजपा के प्रवीण पटेल (फूलपुर विधानसभा सीट)

8). रालोद के चन्दन चौहान (मीरापुर विधानसभा सीट)

9). निषाद पार्टी के विनोद कुमार बिंद (मिर्जापुर जिले की मझवा विधानसभा सीट)

10). योगी सरकार के पीडब्ल्यूडी मिनिस्टर जितिन प्रसाद विधान परिषद सदस्य हैं।

अब जितिन प्रसाद ने योगी सरकार में मंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया है। माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में 9 विधानसभा और एक विधान परिषद की सीट पर जल्द उपचुनाव हो सकते हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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