DRDO Latest News: आत्मनिर्भर भारत (Atmanirbhar Bharat) की दिशा में देश ने एक और प्रमुख मील का पत्थर हासिल कर लिया है। बुधवार (27 अगस्त, 2023) को दिखाई नहीं पड़ने वाले लक्ष्य को भेदने की क्षमता वाली अस्त्र-बियॉन्ड विजुअल रेंज (ASTRA-Beyond Visual Range - BVR) मिसाइल को अपने मेडन फ्लाइट ट्रायल (पहले उड़ान परीक्षण) में गोवा के तट पर भारत के हल्के लड़ाकू विमान तेजस (LCA Tejas) से सफलतापूर्वक दागा गया।
डीआरडीओ के टेस्ट लॉन्च के दौरान का नजारा।
अधिकारियों की ओर से इस बारे में आगे समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया गया कि करीब 20,000 फुट की ऊंचाई पर विमान से मिसाइल प्रक्षेपण किया गया। इस बीच, रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी, “हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस एलएसपी-7 ने 23 अगस्त को गोवा के तट पर हवा से हवा में मार करने वाली बियॉन्ड विजुअल रेंज मिसाइल ‘अस्त्र’ का परीक्षण किया।” मंत्रालय के मुताबिक, परीक्षण के सभी उद्देश्य पूरे हो गए।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की ओर से इस बारे में समाचार एजेंसी एएनआई को बताया गया- टेस्ट लॉन्च की निगरानी एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA), रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ), हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के परीक्षण निदेशक और वैज्ञानिकों के साथ सेंटर फॉर मिलिट्री एयरवर्थनेस एंड सर्टिफिकेशन (CEMILAC) और वैमानिकी गुणवत्ता आश्वासन महानिदेशालय (डीजी-एक्यूए) के अधिकारियों की ओर से की गई थी। एयरक्राफ्ट की मॉनिटरिंग इसे अलावा चेज़ तेजस ट्विन-सीटर विमान की ओर से भी हुई।
उधर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तेजस-एलसीए से मिसाइल के सफल परीक्षण के लिए एडीए, डीआरडीओ, सीईएमआईएलएसी, डीजी-एक्यूए को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रक्षेपण से तेजस की युद्धक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और आयातित हथियारों पर निर्भरता कम होगी।
