32 साल के निर्वासन का दर्द: तस्लीमा नसरीन बोलीं- बांग्लादेश लौटना चाहती हूं, कोलकाता जब बुलाएगा आ जाऊंगी

कोलकाता हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में तस्लीमा नसरीन ने कहा कि फिलहाल उनकी घर वापसी संभव नहीं है क्योंकि बांग्लादेश सरकार ने न तो उनके पासपोर्ट का नवीनीकरण किया है और न ही उनके स्वीडिश पासपोर्ट पर वीजा जारी किया है।

कोलकाता: बांग्लादेश से निर्वासित प्रख्यात नारीवादी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने अपने वतन लौटने की इच्छा एक बार फिर जाहिर की है। छह दिनों के कोलकाता दौरे के बाद बुधवार को रवाना होते समय उन्होंने कहा कि वह 32 वर्षों से निर्वासन का जीवन जी रही हैं और यदि अवसर मिला तो बांग्लादेश जरूर लौटना चाहेंगी। साथ ही उन्होंने कहा कि जब भी कोलकाता उन्हें बुलाएगा, वह यहां आने के लिए तैयार रहेंगी।

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बांग्लादेश से निर्वासित लेखिका तस्लीमा नसरीन (फाइल फोटो)

कोलकाता हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में तस्लीमा नसरीन ने कहा कि फिलहाल उनकी घर वापसी संभव नहीं है क्योंकि बांग्लादेश सरकार ने न तो उनके पासपोर्ट का नवीनीकरण किया है और न ही उनके स्वीडिश पासपोर्ट पर वीजा जारी किया है।

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