तृणमूल कांग्रेस के निलंबित प्रवक्ता रिजू दत्ता ने आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा को लेकर बनाए गए अपने एक वायरल वीडियो विवाद पर यू-टर्न लेते हुए बिना शर्त माफी मांग ली है। यह बयान उस समय आया है जब उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में तृणमूल कांग्रेस से निलंबित कर दिया गया था। उन्होंने दावा किया कि सच बोलने के कारण पार्टी ने उन्हें निकाल दिया।
टीएमसी के निलंबित प्रवक्ता रिजु दत्ता।
पूर्व प्रवक्ता ने दावा किया कि उन्होंने यह वीडियो पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में, तृणमूल मुख्यालय से और पार्टी लाइन का पालन करते हुए तैयार किया था। उनका कहना है कि यह कंटेंट किसी व्यक्तिगत विचार का परिणाम नहीं था, बल्कि इसे पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स से भी साझा किया गया था।
हालांकि वीडियो के वायरल होने के बाद मामला राजनीतिक रूप से गर्मा गया और भाजपा नेताओं की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। इसके बाद पूर्व प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि अब सारा दबाव व्यक्तिगत रूप से उन पर डाला जा रहा है।
इसी बीच उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेताओं और अपने कानूनी सलाहकार की सलाह के बाद वे अब आईपीएस अजय पाल शर्मा से अपनी टिप्पणियों के लिए बिना शर्त माफी मांगते हैं। उन्होंने यह भी दोहराया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं था।
पूर्व प्रवक्ता ने अपने बयान में कहा कि वह अब किसी राजनीतिक पद पर नहीं हैं और एक सामान्य नागरिक के रूप में शांतिपूर्ण जीवन जीने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि यह पूरा विवाद अब यहीं समाप्त हो जाएगा ताकि वे अपने परिवार के साथ सामान्य जीवन और आजीविका पर ध्यान दे सकें।
आगे तृणमूल कांग्रेस के भीतर अंदरूनी विवाद और अनुशासनात्मक कार्रवाई के बीच निलंबित प्रवक्ता रिजू दत्ता ने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दत्ता ने दावा किया कि पार्टी में भ्रष्टाचार “संस्थागत रूप” ले चुका है और आम जनता से जुड़े हर काम में पैसे की मांग की जाती थी।
निलंबन के एक दिन बाद उन्होंने कहा कि उन्हें 13 साल की सेवा और संगठन के लिए किए गए कार्यों के बावजूद केवल इसलिए बाहर किया गया क्योंकि उन्होंने “सच” बोला। दत्ता ने आरोप लगाया कि शौचालय निर्माण, भवन निर्माण योजनाओं की मंजूरी और अन्य सरकारी सेवाओं में भी अनियमित तरीके से पैसे वसूले जाते थे।
उन्होंने आगे कहा कि स्कूलों में नौकरियों से जुड़े कथित घोटाले या “नौकरी की चोरी” जैसे मामलों को पार्टी ने गंभीरता से नहीं लिया, जबकि यह मुद्दा जनता के भरोसे से जुड़ा है। दत्ता ने यह भी कहा कि उन्होंने पार्टी मंच के भीतर इन मुद्दों को उठाने की कोशिश की,लेकिन उन्हें लगातार नजरअंदाज किया गया। साथ ही उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि हाल के राजनीतिक बदलावों के बाद पश्चिम बंगाल में लोग अब बिना डर के अपनी बात क्यों रख पा रहे हैं।
इससे पहले उन्होंने एक वीडियो संदेश में भाजपा नेताओं के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया था और दावा किया था कि उन्हें अपनी राजनीतिक सोच के अनुसार आगे बढ़ने की स्वतंत्रता और सुरक्षा का आश्वासन दिया गया है। गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस ने अनुशासनहीनता के आरोप में रिजू दत्ता सहित तीन प्रवक्ताओं को छह साल के लिए निलंबित किया है। पार्टी ने यह भी संकेत दिया है कि आरोपों पर उसका आधिकारिक जवाब उचित समय पर दिया जाएगा।
