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क्या रद्द होगी NEET परीक्षा? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और NTA से मांगा जवाब, जानें सुनवाई की 7 बड़ी बातें

Court News : NEET परीक्षा रद्द करने संबंधी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और एनटीए को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है। इसके साथ ही उच्च न्यायालयों (High Courts) में सुनवाई पर रोक लगा दी गई है। आपको सर्वोच्च अदालत की सुनवाई की बड़ी बातों से रूबरू करवाते हैं।

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सुप्रीम कोर्ट में NEET पर सुनवाई की 7 बड़ी बातें।

Photo : Times Now Digital

Supreme Court on NEET: सुप्रीम कोर्ट ने ‘राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी), 2024’ को रद्द करने और मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कथित अनियमितताओं की अदालत की निगरानी में जांच का अनुरोध करने संबंधी याचिकाओं पर बृहस्पतिवार को केंद्र, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) और अन्य से जवाब मांगा। शीर्ष अदालत ने देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों के समक्ष नीट 2024 परीक्षा से संबंधित कुछ लंबित याचिकाओं पर आगे की कार्यवाही पर भी रोक लगा दी।

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई की 7 बड़ी बातें

1). हाईकोर्ट की सुनवाई पर लगाई रोक

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति एसवीएन भट्टी की अवकाशकालीन पीठ ने एनटीए की चार अलग-अलग याचिकाओं पर संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इनमें उच्च न्यायालयों में लंबित याचिकाओं को शीर्ष अदालत में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया गया है। जैसे ही पीठ ने एनटीए की याचिकाओं पर नोटिस जारी किए, एजेंसी की ओर से पेश वकील ने आग्रह किया कि उच्च न्यायालय के समक्ष इन मामलों में कार्यवाही रोक दी जाए।

2). पीठ ने अन्य याचिकाओं पर भी किया विचार

पीठ ने कहा, 'नोटिस जारी किया जाता है, जिसपर आठ जुलाई तक जवाब दाखिल करना होगा। इस बीच, उच्च न्यायालयों के समक्ष आगे की कार्यवाही पर रोक रहेगी।' पीठ ने कई अन्य याचिकाओं पर भी विचार किया, जिनमें मेडिकल प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए उन 20 छात्रों की याचिका भी शामिल है, जो पांच मई को आयोजित परीक्षा रद्द करने का अनुरोध कर रहे हैं।

3). अन्य मामलों के साथ 8 जुलाई को सुनवाई

उन्होंने एनटीए और अन्य को नए सिरे से परीक्षा आयोजित करने का निर्देश देने की भी गुहार लगाई है। पीठ ने इन याचिकाओं पर केंद्र, एनटीए और अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। पीठ ने कहा कि इन याचिकाओं पर आठ जुलाई को नीट-यूजी 2024 से संबंधित अन्य लंबित मामलों के साथ सुनवाई की जाएगी।

4). पीठ ने काउंसलिंग प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाया

सुनवाई के दौरान पीठ ने स्पष्ट किया कि वह काउंसलिंग प्रक्रिया पर रोक नहीं लगा रही है। पीठ ने कहा, 'यह सब पहले दिन से ही चल रहा है और वे (कुछ याचिकाकर्ता) काउंसलिंग पर रोक चाहते हैं। हमने इससे इनकार किया है।' पीठ ने कहा, 'आखिरकार, अगर आप सभी सफल होते हैं, तो सब कुछ ठीक हो जाएगा। परीक्षा भी होगी और काउंसलिंग भी होगी।'

5). पीठ ने एनटीए के वकील से काउंसलिंग के बारे में पूछा

याचिकाकर्ताओं में से एक की ओर से पेश हुए वकील ने कहा कि काउंसलिंग आठ जुलाई के बाद तक टाली जा सकती है। पीठ ने एनटीए के वकील से काउंसलिंग के बारे में पूछा। वकील ने कहा, 'काउंसलिंग छह जुलाई से शुरू होगी, लेकिन यह छह जुलाई को ही खत्म नहीं हो जाएगी। इसमें समय लगेगा।' एक अन्य वकील ने पीठ को बताया कि परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में बिहार में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।

6). मामले में याचिकाकर्ता भी दे रहें ऐसी ही दलीलें

वकील ने कहा कि कथित अनियमितताओं के संबंध में बिहार और गुजरात में प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और पुलिस से इन मामलों में अपनी जांच की स्थिति रिपोर्ट मांगी जानी चाहिए। सुनवाई के दौरान पीठ ने पाया कि मामले में याचिकाकर्ता भी इसी तरह की दलीलें दे रहे हैं। केंद्र की ओर से पेश वकील ने कहा कि कई बार कोचिंग संस्थान भी याचिकाकर्ता के रूप में सामने आए हैं।

7). कोचिंग संस्थान की याचिकाओं पर पीठ ने क्या कहा?

पीठ ने कहा, 'उन्हें आने का अधिकार है। क्योंकि उनका व्यवसाय केवल इन छात्रों से है और यदि आप उनके साथ खेलते हैं और उनके अधिकारों में दखल देते हैं, तो ये कोचिंग संस्थान आएंगे ही।' इससे पहले 18 जून को सुप्रीम कोर्ट ने नीट-यूजी 2024 परीक्षा से जुड़ी अन्य याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान कहा था कि परीक्षा के आयोजन में किसी की तरफ से यदि ‘0.001 प्रतिशत लापरवाही’ भी हुई हो, तब भी उससे पूरी तरह से निपटा जाना चाहिए।

पिछले सप्ताह केंद्र एवं एनटीए से मांगा था जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने नीट-यूजी 2024 में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने के अनुरोध वाली याचिकाओं पर पिछले सप्ताह केंद्र एवं एनटीए से जवाब मांगा था। केंद्र तथा एनटीए ने 13 जून को सुप्रीम कोर्ट को अवगत कराया था कि उसने एमबीबीएस और ऐसे अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए परीक्षा देने वाले 1,563 अभ्यर्थियों को दिए गए कृपांक रद्द कर दिए हैं।

केंद्र ने यह भी कहा कि ऐसे अभ्यर्थियों के पास या तो दोबारा परीक्षा देने या नष्ट हुए समय की क्षतिपूर्ति के लिए उन्हें दिए गए कृपांकों को छोड़ने का विकल्प होगा। नीट-यूजी परीक्षा पांच मई को 4,750 केंद्रों पर आयोजित की गई थी और इसमें लगभग 24 लाख उम्मीदवारों ने भाग लिया था। परिणाम 14 जून को घोषित होने की उम्मीद थी, लेकिन उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पहले पूरा हो जाने के कारण इसे चार जून को ही घोषित कर दिया गया।

कई शहरों में विरोध प्रदर्शन, कई याचिकाएं दाखिल

आरोपों के कारण कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए और सात उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय में मामले दायर किए गए। कथित अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर 10 जून को दिल्ली में बड़ी संख्या में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। एनटीए के इतिहास में अभूतपूर्व रूप से 67 छात्रों ने 720 अंक प्राप्त किए, जिनमें हरियाणा के फरीदाबाद के एक ही केंद्र के छह छात्र शामिल हैं। इसके बाद परीक्षा को लेकर संदेह पैदा हो गया।

दिल्ली में 10 जून को बड़ी संख्या में छात्रों ने प्रदर्शन किया और कथित धांधली की जांच की मांग की। आरोप हैं कि कृपांक की वजह से 67 छात्र परीक्षा में अव्वल आए। नीट-यूजी परीक्षा का आयोजन एनटीए द्वारा देशभर के सरकारी और निजी संस्थानों में एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष और अन्य संबंधित पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए किया जाता है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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