बंगाल में SIR को लेकर चुनाव आयोग ने ऐसा क्या किया, जो सुप्रीम कोर्ट ने दे डाला ये ऑर्डर

Supreme Court on SIR: प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने कहा कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से प्रभावित होने की संभावना वाले लोगों को अपने दस्तावेज या आपत्तियां प्रस्तुत करने की अनुमति दी जाए।

SIR in Bengal: उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को निर्वाचन आयोग (EC) को पश्चिम बंगाल के ग्राम पंचायत भवनों, तालुका प्रखंड कार्यालयों और वार्ड कार्यालयों में 'तार्किक विसंगतियों' की सूची में शामिल लोगों के नाम प्रदर्शित करने का निर्देश दिया। अदालत ने गौर किया कि राज्य में 1.25 करोड़ मतदाता 'तार्किक विसंगतियों' की सूची में शामिल हैं।

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बंगाल में SIR को लेकर चुनाव आयोग ने ऐसा क्या किया, जो सुप्रीम कोर्ट ने दे डाला ये ऑर्डर (PTI)

राज्य में 2002 की मतदाता सूची से संतानों के संबंध में तार्किक विसंगतियों में माता-पिता के नाम का बेमेल होना और मतदाता और उनके माता-पिता के बीच आयु का अंतर 15 वर्ष से कम या 50 वर्ष से अधिक होना शामिल है।

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