सरोगेसी कानून पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: 2021 से पहले प्रक्रिया शुरू करने वाले जोड़े उम्र सीमा के बाद भी बन सकेंगे माता-पिता

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिन जोड़ों ने 2021 से पहले सरोगेसी की प्रक्रिया शुरू की थी, वे अब भी इसका लाभ ले सकते हैं, भले ही वे कानून में तय उम्र सीमा से अधिक हों। अदालत ने माना कि यह उनका प्रजनन अधिकार है और कानून को पिछली तारीख से लागू नहीं किया जा सकता।

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा कि जो कपल 2021 में सरोगेसी (निःसंतान दंपतियों के लिए गर्भ धारण की प्रक्रिया) कानून लागू होने से पहले यह प्रक्रिया शुरू कर चुके थे, वे अब भी इस प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं, भले ही वे तय उम्र सीमा से बाहर हों। अदालत ने कहा कि ऐसे जोड़ों का अधिकार तब ही तय हो गया था जब उन्होंने अपने एम्ब्रियो (भ्रूण) को फ्रीज करवा लिया था। इसलिए अब यह कानून उनके अधिकारों को रोक नहीं सकता।

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सरोगेसी पर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला (PTI)

क्या कहता है सरोगेसी का कानून?

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