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'ED की छापेमारी में ममता बनर्जी का दखल गलत', चुनाव से पहले सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

Bengal SIR: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के मालदा में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान न्यायिक अधिकारियों के कथित घेराव की कड़ी निंदा की। साथ ही पश्चिम बंगाल प्रशासन को जमकर फटकार लगाई।

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सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)

Bengal SIR: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के मालदा में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान न्यायिक अधिकारियों के कथित घेराव की कड़ी निंदा की। इस दौरान, शीर्ष अदालत ने पश्चिम बंगाल प्रशासन को जमकर फटकार भी लगाई। साथ ही कोर्ट ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उस कथित हरकत को गलत बताया जिसमें वह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के दौरान आईपैक के को-फाउंडर प्रतीक जैन के घर पहुंच गईं।

कोर्ट ने कहा कि जब कोई राज्य का मुख्यमंत्री किसी केंद्रीय एजेंसी की जांच में जाकर दखल देता है तो इसे सिर्फ केंद्र या राज्य के बीच विवाद के तौर पर नहीं देखा जा सकता।

कोर्ट ने जमकर लगाई फटकार

जस्टिस पी.के. मिश्रा और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की बेंच ने कहा, ''यह एक असाधारण स्थिति है। दूसरी बेंच के सामने (SIR मामले में घेराव का ज़िक्र करते हुए), हमने देखा है कि कई न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाकर रखा गया है। हम वास्तविकताओं से आंखें नहीं फेर सकते हैं। आप भले ही अमूर्त कानूनी सिद्धांतों पर बहस करें, लेकिन हम राज्य में उत्पन्न हो रही व्यावहारिक स्थिति को नजरअंदाज़ नहीं कर सकते हैं।

कोर्ट ने यह टिप्पणी ममता सरकार की इस दलील पर सवाल उठाते हुए की जिसमे उन्होंने इस केस में ईडी की याचिका पर सवाल खड़ा किया था।ममता सरकार का कहना था कि इस केस में आर्टिकल 32 के तहत मूल अधिकारों के हनन का दावा करने वाली ईडी की याचिका सुनवाई लायक नहीं है। चूंकि यह राज्य बनाम केंद्र सरकार का मसला है, इसलिए इसमे आर्टिकल 131 के तहत याचिका दायर होनी चाहिए।

कोर्ट ने CM के कथित दखल को बताया गलत

सुप्रीम कोर्ट ने एक केंद्रीय एजेंसी द्वारा की जा रही जांच के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कथित दखल को गलत ठहराते हुए कहा कि किसी मुख्यमंत्री को इस बात की इजाज़त नहीं दी जा सकती कि वो इस तरह से लोकतंत्र को खतरे में डाले।

कोर्ट ने कहा, ''यह राज्य और केंद्र के बीच का विवाद नहीं है। हमने कभी नहीं सोचा था कि इस देश में ऐसा भी दिन आएगा, जब कोई मौजूदा CM उस दफ़्तर में चली जाएंगी, जहां कोई जांच एजेंसी काम कर रही है।''

कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि किसी भी राज्य की मुख्यमंत्री जांच के बीच में यूं ही दफ़्तर में नहीं जा सकती हैं, लोकतंत्र को खतरे में नहीं डाल सकतीं, और फिर यह नहीं कह सकतीं कि 'इसे राज्य और केंद्र के बीच का विवाद न बनाएं'। यह अपने आप में एक ऐसे व्यक्ति द्वारा किया गया काम है, जो संयोग से मुख्यमंत्री हैं, और जो पूरे लोकतंत्र को खतरे में डालता है।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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