Live in relationship के रजिस्ट्रेशन की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार, कहा- यह कैसा आइडिया है?

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Mar 20, 2023, 04:25 PM IST

Live in relationship के रजिस्ट्रेशन के लिए दिशा-निर्देशों की मांग वाली विचार पर सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को फटकार लगाते हुए कहा कि यह कैसा आइडिया है?

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को लिव-इन रिलेशनशिप (live in relationship) को रजिस्टर करने के दिशा-निर्देशों की मांग करने वाली याचिका को खारिज कर दिया। चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ (Chief Justice DY Chandrachud) ने इसे बिना सोचे-समझे विचार (hare-brained idea) करार दिया। एक वकील द्वारा दायर याचिका में कथित तौर पर लिव इन में रहने वाले कपल द्वारा किए गए बलात्कार और हत्या जैसे अपराधों में वृद्धि का हवाला देते हुए केंद्र सरकार द्वारा लिव-इन रिलेशनशिप के रिजस्ट्रेशन के लिए नियम और दिशानिर्देश तैयार करने की मांग की गई।

Live in relationship registration

Live in relationship के रजिस्ट्रेशन की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी

PIL का मकसद लिव-इन (live-in) क्राइम रोकना

अपनी जनहित याचिका (PIL) में वकील ममता रानी ने कहा कि यह आइडिया लिव-इन पार्टनर्स के कारण होने वाले अपराधों को रोकने और एक साथ रहने वाले कपल्स की सामाजिक सुरक्षा को बढ़ाने के लिए था। उन्होंने अपने पीआईएल में लिव-इन पार्टनर आफताब अमीन पूनावाला द्वारा कथित रूप से श्रद्धा वाकर की नृशंस हत्या का जिक्र किया।

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