Ban on Firecrackers: सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने वाले दिल्ली सरकार के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार किया है। आदालत ने कहा कि लोगों का स्वास्थ्य महत्वपूर्ण है, जहां सरकार ने पटाखों पर प्रतिबंध लगाया है, वहां इसका मतलब पूर्ण प्रतिबंध है।
.सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों पर प्रतिबंध को सही ठहराया
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने दिल्ली में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध की आलोचना करते हुए कहा कि हरित पटाखों को अदालत की मंजूरी के बावजूद ऐसा किया गया है। दिल्ली सरकार ने कुछ दिन पहले ही पटाखों पर प्रतिबंध लगाया था। इसे लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया था।
2022 में भी लगा था प्रतिबंध
बता दें कि दिल्ली सरकार ने 11 सितंबर को पिछले साल की तरह इस साल भी दिवाली के मौके पर राजधानी में पटाखों की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश जारी किया था। आदेश के मुताबिक राजधानी में पटाखों के निर्माण ,भंडारण और बिक्री पर पूरी तरह बैन रहेगा। दिल्ली पुलिस को जारी निर्देश में किसी को भी पटाखे संबंधित लाइसेंस नहीं दिए जाने की बात कही गई है। राजधानी के प्रदूषण को देखते हुए पिछले साल भी दिल्ली में पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा था।
विंटर एक्शन प्लान लागू करेंगे: गोपाल राय
दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली पुलिस को पटाखों से संबंधित लाइसेंस जारी न करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्थाओं को मनाया जाए और लोगों की जिंदगी को भी बचाया जाए। दिल्ली वाले दिए के साथ दिवाली मनाते आए हैं। जिंदगी बचाने के लिए हम सभी का प्रयास जरूरी है। मंत्री ने कहा कि राजधानी में प्रदूषण वाले जितने भी हॉटस्पॉट हैं उनकी निगरानी शुरू कर दी गई है। दिल्ली को प्रदूषण से बचाने के लिए विंटर एक्शन प्लान लागू किया जाएगा।
