'राष्ट्रीय पुरुष आयोग' बनाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार, दी ये दलील

  • Edited by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Jul 3, 2023, 04:10 PM IST

पीठ ने कहा, आप केवल एकतरफा तस्वीर पेश करना चाहते हैं। क्या आप हमें शादी के तुरंत बाद जान गंवाने वाली युवतियों का आंकड़ा दे सकते हैं?

National Commission For Men: सुप्रीम कोर्ट ने घरेलू हिंसा से पीड़ित विवाहित पुरुषों द्वारा आत्महत्या करने की घटनाओं से निपटने के लिए दिशा निर्देश बनाने और उनके हितों की रक्षा के लिए राष्ट्रीय पुरुष आयोग स्थापित करने का अनुरोध करने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई से सोमवार को इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता ने मामले पर विचार करने से इनकार कर दिया।

कोर्ट ने कहा, एकतरफा तस्वीर पेश न करें

पीठ ने कहा, आप केवल एकतरफा तस्वीर पेश करना चाहते हैं। क्या आप हमें शादी के तुरंत बाद जान गंवाने वाली युवतियों का आंकड़ा दे सकते हैं? कोई भी आत्महत्या नहीं करना चाहता, यह अलग-अलग मामलों के तथ्यों पर निर्भर करता है। शीर्ष न्यायालय वकील महेश कुमार तिवारी द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें भारत में दुर्घटनावश मौत पर 2021 में प्रकाशित राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का हवाला दिया गया है जिसमें कहा गया है कि उस साल देशभर में 1,64,033 लोगों ने आत्महत्या की। उनमें से 81,063 विवाहित पुरुष थे जबकि 28,680 विवाहित महिलाएं थीं।

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