'मीडिएशन फैसलों की गिनती नहीं, विवाद सुलझने से मापी जानी चाहिए न्याय प्रणाली की सफलता' बोले CJI सूर्यकांत

Justice System: चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि मीडिएशन उनके लिए एक ऐसा विषय है जिसे वे गहरी आस्था और प्रतिबद्धता के साथ देखते हैं।

भारत के चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस सूर्यकांत ने कहा है कि न्याय प्रणाली की सफलता इस बात से नहीं आंकी जानी चाहिए कि कितने फैसले सुनाए गए, बल्कि इस बात से मापी जानी चाहिए कि कितने विवाद सुलझे। वे गोवा में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन 'मीडिएशन वर्तमान समय में कितना महत्वपूर्ण' को संबोधित कर रहे थे। इस सम्मेलन में सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाई कोर्ट के कई न्यायाधीश मौजूद रहे। कार्यक्रम का आयोजन बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा किया गया।

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भारत के चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस सूर्यकांत (फोटो:PTI)

अपने संबोधन में चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि मीडिएशन उनके लिए एक ऐसा विषय है जिसे वे गहरी आस्था और प्रतिबद्धता के साथ देखते हैं। उन्होंने कहा कि मुकदमेबाजी अक्सर टूट चुके रिश्तों का पोस्टमार्टम होती है, जबकि मीडिएशन रिश्तों को बचाने और विवाद सुलझाने का प्रयास है।उन्होंने कहा कि मीडिएशन तभी सफल होता है जब मीडिएटर उसी भाषा में बात करे, उसी भावना को समझे, जिसमें पक्षकार अपनी बात रख रहा है।

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