Smriti Irani: संसद में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी के भाषण का जवाब दिया। तमाम ऐसे मौके आते रहे हैं जब मोदी सरकार ने उन पर भरोसा करते हुए संसद में विपक्ष पर जवाबी हमले की कमान सौंपी। स्मृति ने इसे बखूबी अंजाम भी दिया है। आज हम आपको बता रहे हैं स्मृति ईरानी से जुड़ी कुछ ऐसी बातें जिनके बारे में शायद आपको जानकारी न हो। युवावस्था में एक वेट्रेस का काम करने के बाद किस तरह सफलता की सीढ़ियां चढ़ीं, ये हर उस इंसान के लिए एक मिसाल है जो अपने जीवन में कुछ करना चाहता है, कुछ बनना चाहता है। आज वह कामयाबी से सबसे ऊंचे पायदान पर हैं। लेकिन स्मृति की जिंदगी हमेशा से ऐसी नहीं थी। उन्होंने मेहनत और लगन के साथ ये मुकाम हासिल किया। उनके संघर्ष की दास्तां आपको भी चौंका देगी।
स्मृति का सफरनामा
- दिल्ली में जन्मी स्मृति ईरानी एक लोवर मिडिल क्लास परिवार से हैं। मॉडलिंग की दुनिया में आने के पहले वो मुंबई के बांद्रा के मैकडॉनल्ड्स में वेट्रेस का काम कर चुकी हैं।
- स्मृति ईरानी घर का खर्च चलाने के लिए 10वीं के बाद से मैकडॉनल्ड्स में काम करने लगी थीं।
- स्मृति एक बंगाली-पंजाबी परिवार से हैं। उनके पिता पंजाबी-महाराष्ट्रियन हैं और मां बंगाली-आसामी हैं।
- स्मृति एक पत्रकार बनना चाहती थीं, लेकिन जब एक नामी पत्रकार ने उन्हें इंटरव्यू में रिजेक्ट किया तो उन्होंने इरादा छोड़ दिया।
- 1998 में स्मृति ने फेमिना मिस इंडिया में हिस्सा लिया और वो फाइनल तक पहुंचीं, लेकिन ताज अपने नाम नहीं कर सकीं।
- स्मृति एक अच्छी डांसर भी हैं। वो मीका सिंह के साथ एक म्यूजिक एल्बम में नजर आ चुकी हैं।
- 2000 में स्मृति की किस्मत उस वक्त पूरी तरह से बदल गई जब एकता कपूर ने उनको एक शो में देखा। एकता ने उन्हें टीवी शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहु थी” में लीड कास्ट किया।
- 2001 में स्मृति ने अपने बचपन के दोस्त ज़ुबीन ईरानी से शादी की जो पहले से शादीशुदा थे। इसे लेकर विवाद भी हुआ था। स्मृति के के दो बच्चे हैं जोहर और जोइश। जबकि जुबीन की बेटी हैं शनेल।
- स्मृति ने 2003 में अपना सियासी करियर शुरू किया था और BJP की सदस्यता ग्रहण की थी। उन्होंने दिल्ली के चांदनी चौक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा।
- साल 2011 में वो गुजरात से राज्यसभा की सांसद चुनी गईं और उसके बाद तेजी से मोदी सरकार में अपनी जगह बनाई।
- स्मृति ने 2019 लोकसभा चुनाव में गांधी परिवार के गढ़ अमेठी से राहुल गांधी को हराकर सियासत की दुनिया में धमाका कर दिया।
स्मृति ने कम समय में सियासत की दुनिया में अपना सिक्का जमा दिया। आज वह एक शानदार मुकाम पर हैं और मोदी कैबिनेट में केंद्रीय कपड़ा मंत्री की कमान संभाल रही हैं। वह मानव संसाधन विकास मंत्री जैसा अहम पद भी संभाल चुकी हैं। मोदी सरकार का वह अहम चेहरा हैं खास तौर पर महिला शक्ति के तौर पर उन्होंने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
