CJI के साथ अभद्र व्यवहार पर सख्त कार्रवाई, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने रद्द की राकेश किशोर की सदस्यता

प्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने अपने प्रस्ताव में कहा कि अधिवक्ता राकेश किशोर, जो दिल्ली बार काउंसिल में नामांकन संख्या D/1647/2009 से पंजीकृत हैं, ने अदालत में जो आचरण किया, वह न केवल गंभीर अनुशासनहीनता है बल्कि यह न्यायिक स्वतंत्रता और न्यायालय की गरिमा पर सीधा हमला है।

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) की कार्यकारिणी समिति ने एक अहम और कड़ा फैसला लेते हुए अधिवक्ता राकेश किशोर की अस्थायी सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी है। यह निर्णय उस घटना के बाद लिया गया जिसमें अधिवक्ता किशोर ने 6 अक्टूबर 2025 को भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी.आर. गवई की अदालत में अशोभनीय व्यवहार किया था। कार्यकारिणी ने अपनी आपात बैठक में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया और कहा कि इस तरह की हरकत न्यायपालिका की गरिमा, पेशे की मर्यादा और बार-बेंच के संबंधों पर सीधा प्रहार है।

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सीजेआई की तरफ जूता फेंकने का मामला। तस्वीर-ANI

यह कृत्य पेशेवर आचार संहिता का गंभीर उल्लंघन-एससीबीए

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने अपने प्रस्ताव में कहा कि अधिवक्ता राकेश किशोर, जो दिल्ली बार काउंसिल में नामांकन संख्या D/1647/2009 से पंजीकृत हैं, ने अदालत में जो आचरण किया, वह न केवल गंभीर अनुशासनहीनता है बल्कि यह न्यायिक स्वतंत्रता और न्यायालय की गरिमा पर सीधा हमला है। समिति ने इसे अत्यंत निंदनीय, अव्यवस्थित और असंयमित व्यवहार बताते हुए कहा कि किसी भी वकील से इस तरह के रवैये की उम्मीद नहीं की जा सकती। वकील अदालत के अधिकारी होते हैं और उन्हें मर्यादा तथा सम्मान बनाए रखना चाहिए।

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