Indian Army : बदलते दौर में युद्ध कौशल एवं तकनीक बदल रही है। पारंपरिक युद्ध के अलावा साइबर, ड्रोन एवं अंतरिक्ष हमले की चुनौतियों से निपटने के लिए दुनिया की सेनाएं खुद को तैयार कर रही हैं। युद्ध की इन आधुनिक चुनौतियों का सामना करने और नए युद्ध कौशल को अपनाते हुए भारतीय सेना खुद को तैयार कर रही है। वह अपने को आधुनिक बनाने के साथ-साथ खुद को नई तकनीक से लैस कर रही है। भारतीय सेना ने एक ऐसा ही वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में सेना के स्पेशल फोर्सेज के जवान एवं नौसेना के मार्कोस कमांडो के बीच गजब का तालमेल एवं युगलबंदी देखने को मिली है।
स्पेशल फोर्सेज ने दिखाया पराक्रम।
किसी से भी पीछे नहीं है भारतीय सेना
यह वीडियो दिखाता है कि भारतीय सेना अपनी तैयारियों को लेकर कितनी सजग है और युद्ध कौशल एवं कठिन अभियान चलाने में वह किसी से पीछे नहीं है। स्पेशल फोर्सेज के जवानों और नौसेना के मार्कोस कमांडों ने संयुक्त रूप से पानी के भीतर अपनी गोताखोरी की तकनीक एवं करतब का गजब प्रदर्शन किया है। यह प्रदर्शन लाजवाब है। इस तरह की युद्ध कौशल की निपुणता सेना की ताकत में कई गुना इजाफा करती है।
#SpecialForces of #IndianArmy & #MARCOS from #IndianNavy exercised jointly in Combat Under-Water Diving Techniques… t.co/nZVbvWV0si
— ANI (@ANI) Oct 21, 2022
कठिन ऑपरेशन को अंजाम देते हैं मरीन कमांडो
बता दें कि मार्कोस या मरीन कमांडो फोर्स (एमसीएफ) नौसेना की स्पेशल ऑपरेशंस फोर्स यूनिट है जो जटिल एवं कठिन ऑपरेशन को अंजाम देती है। भारतीय नौसेना की इस स्पेशल यूनिट की स्थापना फरवरी साल 1987 में आतंकवादियों तथा समुद्री लुटेरों आदि को सबक सिखाने के लिए किया गया था। मरीन कमांडो की ट्रेनिंग बहुत कड़ी होती है। इसके जवान जमीन, आसमान एवं पानी के भीतर जटिल से जटिल अभियानों को चलाने में माहिर होते हैं। इन्हें हर तरह के हालातों का सामना करने का प्रशिक्षण मिला होता है।
भारतीय सेना की स्पेशल यूनिट है एसएफ
भारतीय सेना के पैरा एसएफ को स्पेशल फोर्स कहा जाता है। इसे सेना की सबसे खतरनाक यूनिट माना जाता है। यह भारतीय सेना की पैराशूट रेजिमेंट की एक विशेष इकाई है। पैरा एसएफ के जवान विशेष अभियान, सीधी कार्रवाई, बंधक बचाव एवं काउंटर इंसर्जेंसी में माहिर होते हैं। इनकी ट्रेनिंग रूंह कंपाने वाली होती है। इस यूनिट का गठन 1 जुलाई 1966 को हुआ था। स्पेशल फोर्सेज के जवानों ने अब तक कई सफल ऑपरेशन किए हैं। 2016 में पीओके में घुसकर आंतकियों के लॉन्च पैड तबाह करने की बात हो या म्यांमार में घुसकर वहां आतंकी कैंपों को तबाह करना, पैरा एसफ के जवानों ने अपनी बहादुरी एवं पराक्रम से सबका दिल जीत लिया।
