सोमनाथ मंदिर हमले के 1000 साल पूरे; वैदिक मंत्रोच्चार, कुंभाभिषेक और वायुसेना के एयर शो के बीच आज अमृत पर्व का आयोजन

सोमनाथ मंदिर भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम और अत्यंत पवित्र तीर्थ माना जाता है, जिसका इतिहास हजारों वर्षों पुराना है और जिसका जिक्र प्राचीन ग्रंथों में भी मिलता है। आक्रमणों और बार-बार हुए पुनर्निर्माणों के बीच यह मंदिर भारतीय आस्था और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बना हुआ है। आज एक बार सोमनाथ अमृत पर्व 2026 जैसे भव्य आयोजन के कारण यह चर्चा में है।

Somnath Amrit Parv 2026: सोमनाथ मंदिर भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में सबसे प्रथम और अत्यंत पवित्र माना जाता है। इसका इतिहास हजारों साल पुराना है और इसका जिक्र ऋग्वेद समेत अनेक प्राचीन ग्रंथों में मिलता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार सबसे पहले चंद्रदेव (सोम) ने भगवान शिव की आराधना कर यहां तपस्या की थी, जिसके कारण इसका नाम "सोमनाथ" पड़ा।

Somnath Amrit Parv 2026

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एक कथा यह भी है कि दक्ष प्रजापति के श्राप से मुक्ति पाने के लिए चंद्र देव ने यहां कठिन तप किया था। सोमनाथ मंदिर पर पहले बड़े हमले को लगभग 1000 वर्ष पूरे हो चुके हैं। ऐतिहासिक रिकॉर्ड के अनुसार, 6 जनवरी 1026 को महमूद गजनवी करीब 30,000 सैनिकों के साथ सोमनाथ पहुंचा था। इसके बाद तीन दिनों तक चले भीषण संघर्ष के बाद 8 जनवरी को उसकी सेना मंदिर परिसर में प्रवेश करने में सफल रही। इस दौरान मंदिर की रक्षा कर रहे हजारों निहत्थे श्रद्धालुओं पर हमला किया गया और बड़ी संख्या में लोगों की जान गई। इसके बावजूद हर बार इसे भव्य रूप में पुनर्निर्मित किया गया।

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