पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष, सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांतो मजूमदार ने हेमंत विश्व शर्मा के बाद असम में हुए डेमोग्राफिक परिवर्तन को लेकर बड़ा बयान दिया है, उन्होंने कहा- 'असम में बायोलॉजिकल तरीके से डेमोग्राफी चेंज नहीं हुई, बल्कि किसी और तरीके से हुई है, असम के मुख्यमंत्री जो कह रहे हैं वह बयान सही है, बंगाल के भी कमोवेश यही हाल है बंगाल में भी इसी तरीके से घुसपैठ करके डेमोग्राफी चेंज की गई।'
केंद्रीय मंत्री सुकांतो मजूमदार ने असम में हुए डेमोग्राफिक परिवर्तन को लेकर बड़ा बयान दिया है
पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष, सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांतो मजूमदार ने असम के मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन करते हुए आज कहा की 'सिर्फ़ असम में नहीं पूरे पूर्वी भारत में खासकर बॉर्डर से सटे राज्यो में स्वतंत्रता के 70 से 75 सालों में डेमोग्राफिक परिवर्तन देखने को मिला है, ये सबके लिए चिंता का विषय है, क्योंकि बायोलॉजिकल तरीके से ये आबादी नहीं बढ़ी, क्योंकि यदि बायोलॉजिकल तरीके से आबादी बढ़ती तो बच्चे पैदा होते, बड़े होते, फिर वह नागरिक बनते, तो इससे यदि डेमोग्राफी में परिवर्तन होता तो चिंता की बात नहीं रहती, चिंता की बात इसलिए है क्योंकि हेमंता विश्व शर्मा ने बताया की ये बायोलॉजिकल नहीं हुआ है, आप डेटा देख लिजिए, डेटा तो साइंस है, आपको उसको अपनाना पड़ेगा, मतलब डेमोग्राफी चेंज हुई है और पूरी योजनाबद्ध तरीके से हुई है। और इसका प्लानिंग यदि देश के बाहर से कहीं से हो रहा है और भविष्य में यदि ऐसा कुछ निकल... तो मैं आश्चर्य नहीं करूंगा। यदि हम पश्चिम बंगाल की बात करें तो पश्चिम बंगाल में आजादी के पहले और आजादी के बाद भी 3 जिले मुस्लिम आबादी के थे अब 9 जिले मुस्लिम आबादी के हैं, तो कहां से हो रहा है, कैसे हो रहा है, इतनी जनसंख्या बढ़ रही है, नेचुरल तरीके से तो इतनी जनसंख्या नहीं बढ़ सकती'
हेमंत विश्व शर्मा ने कहा था मुस्लिम राज्य बन जाएगा असम
असम में बढ़ती मुस्लिम आबादी को लेकर हेमंत विश्व शर्मा ने अपनी चिंता व्यक्त की, हेमंता ने झारखंड के रांची में एक आम सभा को संबोधित करते हुए एक बयान दिया उसके बाद पूरे देश में खलबली मच गई, हेमंत विश्व शर्मा पर सबसे पहले असदुद्दीन ओवैसी समेत कई मुस्लिम नेताओं ने हमला बोल दिया, ओवैसी ने कहा कि हेमंत विश्व शर्मा मुसलमानों की आबादी को लेकर गलत आंकड़ा प्रस्तुत कर रहे हैं, वही हेमंत विश्व शर्मा ने आमसभा में सीधे-सीधे इस बात को कहते हुए कहा दिया 'कि यह विषय उनके लिए राजनीतिक नहीं, बल्कि जीवन और मरण का विषय है, ऐसा ही रहा तो असम 2041 तक मुस्लिम राज्य बन जाएगा।'
इससे होने वाले भविष्य के नुकसान के बारे में भी हेमंत ने खुलकर बात की
हेमंत विश्व शर्मा झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी की ओर से राज्य के सहप्रभारी हैं और इसी के मद्देनजर वो रांची में एक आम सभा को संबोधित कर रहे थे, इस दौरान उन्होंने असम की डेमोग्राफी के बारे में बोलते हुए वहां की आबादी का विश्लेषण किया, उन्होंने कहा कि साल 1951 के सूबे में मुस्लिम आबादी 12 प्रतिशत थी जो आज बढ़कर 40 फीसदी पर पहुंच गई है, इससे होने वाले भविष्य के नुकसान के बारे में भी हेमंत ने खुलकर बात की।
क्या है असम की डेमोग्राफी?
असम में जनसांख्यिकी असंतुलन आजादी के बाद से लगातार बना रहा है, 1961 से 1991 तक लगातार असम में जनसंख्या असंतुलन पैदा हुआ, इसका असर असमिया संस्कृति पर भी पड़ा, 40 साल से लगातार असम में घुसपैठ को लेकर ऑल असम स्टूडेंट यूनियन ने विदेशी विरोधी आंदोलन चलाया, बाद में 1985 में सरकार के साथ एक समझौता हुआ, जिसमें सरकार ने असम के लोगों की संस्कृति, उनकी जमीन, उनके प्राकृतिक परंपराओं को बचाए रखने के लिए तथा उनकी जनसंख्या को बचाए रखने का प्रावधान रखा, साल 1961 से 2011 के बीच में असमिया लोगों की जनसंख्या में बायोलॉजिकल तरीके से गिरावट दर्ज की गई जबकि राज्य की जनसंख्या लगातार बढ़ रही थी, मतलब साफ है कि सूबे में जनसंख्या बढ़ने का प्रमुख कारण बायोलॉजिकल नहीं बल्कि घुसपैठ है।
