मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच, विपक्ष की बढ़ती आलोचना में कांग्रेस नेता शशि थरूर भी शामिल हो गए हैं। सोमवार को रामधारी सिंह दिनकर की मशहूर हिंदी कविता 'जनतंत्र का जन्म' का जिक्र करते हुए थरूर ने कविता की कुछ पंक्तियां शेयर कीं, जिनमें यह प्रसिद्ध लाइन भी शामिल थी- 'सिंहासन खाली करो कि जनता आती है...', एक अलग पोस्ट में उन्होंने राहुल गांधी की बात को दोहराते हुए कहा, 'यह सरकार जाएगी', जिससे उनके इस विरोध में शामिल होने को एक राजनीतिक रंग मिल गया।
CEC के खिलाफ शशि थरूर ने शेयर की दिनकर की कविता (फाइल फोटो)
थरूर के ये पोस्ट ऐसे समय में आए हैं जब विपक्षी 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन राष्ट्रीय राजधानी में मार्च आयोजित कर रहा है। यह मार्च शनिवार (10 अक्टूबर) को कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों और महिलाओं पर कथित पुलिस हिंसा के विरोध में आयोजित किया जा रहा है।
थरूर ने कई मुद्दों पर BJP के नेतृत्व वाली सरकार के रुख का समर्थन किया है
जहां राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पिछले एक हफ्ते से विरोध प्रदर्शन कर रही है,वहीं थरूर ज्यादातर इससे दूर ही रहे हैं और उन्हें इस आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लेते नहीं देखा गया है। उनके ये ताजा बयान इसलिए भी अहम हैं क्योंकि राजनयिक से राजनेता बने थरूर ने कई मुद्दों पर BJP के नेतृत्व वाली सरकार के रुख का समर्थन किया।
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सोमवार को एक पोस्ट में थरूर ने लिखा, 'आज की कविता- जैसा कि रामधारी सिंह 'दिनकर' ने अपनी मशहूर कविता 'जनतंत्र का जन्म' में लिखा था।' दिनकर की यह कविता जनता की शक्ति और इस विचार से जुड़ी है कि असल सत्ता जनता के हाथ में होती है। विपक्ष और अधिकारियों के बीच बढ़ते टकराव के दौरान इस कविता का जिक्र करने से थरूर की पोस्ट को एक खास राजनीतिक रंग मिल गया।
यह पोस्ट सत्ता के पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ एक व्यापक संदेश!
इससे पहले लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने भी तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान दिनकर की कविता की इन्हीं पंक्तियों का इस्तेमाल किया था। हालांकि, थरूर ने साफ तौर पर यह नहीं बताया कि 'सिंहासन' का जिक्र किस व्यक्ति या संस्था के संदर्भ में किया गया है। फिर भी, CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच आई यह पोस्ट सत्ता के पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ एक व्यापक संदेश के तौर पर देखी जा सकती है।
