जब से चलने लगी वंदे भारत एक्सप्रेस, स्लो हो गईं सुपरफास्ट ट्रेंनें

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 30, 2023, 10:19 AM IST

जब से वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चलने लगी। नामचीन सुपरफास्ट ट्रेनें धीम हो गईं। शताब्दी एक्सप्रेस सबसे अधिक डिमांड वाली सुपरफास्ट ट्रेनों में यात्रा का समय के विश्लेषण से यह पता चलता है।

जब सरकार ने वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचलन शुरू किया। उसके बाद से सुपरफास्ट ट्रेनों समेत सभी एक्सप्रेस ट्रेनें की रफ्तार कम हो गई। ट्रेनों के यात्रा में लगने वाले समय के विश्लेषणों से पता चलता है। जब शताब्दी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनें शुरू की गई थीं तो कोवई और बृंदावन एक्सप्रेस समेत सबसे अधिक डिमांड वाली सुपरफास्ट ट्रेनों में यात्रा का समय अधिक हो गई। इसी तरह रेलवे की आधिकारिक साइट नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) पोर्टल के मुताबिक तिरुनेलवेली-चेन्नई वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत के साथ चेन्नई-मदुरै वैगई एक्सप्रेस को 1 अक्टूबर से अपने गंतव्य तक पहुंचने में 15 मिनट अधिक लगेंगे।

Vande Bharat Express, Superfast Train

वंदे भारत के आते ही सुपरफास्ट स्लो गईं

साइट के मुताबिक नई समय सारिणी लागू होने के साथ पांडियन, पोधिगई, कन्नियाकुमारी, पर्ल सिटी और नेल्लई एक्सप्रेस जैसी अन्य लोकप्रिय ट्रेनें भी 10 से 15 मिनट की देरी होगी। जबकि वंदे भारत अपनी यात्रा केवल 5 घंटे और 50 मिनट में पूरी करेगी और तेजस एक्सप्रेस 6 घंटे और 15 मिनट का समय लेगी, चेन्नई-मदुरै खंड में एसएफ ट्रेनों की औसत यात्रा अवधि 7 घंटे और 45 मिनट होगी। फिर भी दक्षिणी रेलवे के अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं और उन्होंने अभी तक अपडेटेड ट्रेन कार्यक्रम की घोषणा नहीं की है।

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