टाटा पावर के सीईओ और एमडी डॉ प्रवीर सिन्हा ने कहा एसआईए फेस्ट स्वच्छ ऊर्जा अपनाने के प्रति जनजागृति का एक बड़ा अभियान है। एसआईए फेस्ट का लक्ष्य स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भारत को अग्रणी भूमिका के लिए तैयार करना और बिजली के क्षेत्र में हरित ऊर्जा के लिए रोडमैप बनाना है। सस्टेनेबल इज अटेनेबल' अभियान की प्रतिध्वनि लंबे समय तक जनता के बीच महसूस की जाएगी। हरित ऊर्जा समाधानों को अपनाने की कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण आह्वान लोगों के साथ प्रतिध्वनित होती है और यह जन जागरूकता को बढ़ाता है।
प्रतीकात्मक फोटो
उन्होने कहा कि 'सस्टेनेबल इज एटेनेबल' अभियान का उद्देश्य स्थिरता और हरित क्षेत्र में बेहतर समझ को सक्षम करना है। भारत सरकार की पहल की सराहना करते हुए डॉ. सिन्हा ने कहा कि सौर ऊर्जा को कृषि में उपयोग, ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युतीकरण और व्यावसायिक तथा औद्योगिक प्रतिष्ठानों को रूफटॉप समाधान अपनाने में सक्षम बनाता है। साथ ही यह बदलाव देश को हरित भविष्य की ओर ले जा रहा है।
इससे भारत हरित ऊर्जा के क्षेत्र में नया मानक स्थापित कर सकेगा
सस्टेनेबल इज एटेनेबल फेस्ट का उद्देश्य लोगों को हरित ऊर्जा के प्रति जागरूक करना और एक व्यावहारिक परिवर्तन लाना है। दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल भारत में एसआईए फेस्ट से सामूहिक जागृति प्रबल होगी। इससे भारत हरित ऊर्जा के क्षेत्र में नया मानक स्थापित कर सकेगा।
प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन वैश्विक स्तर का एक तिहाई है
भारत ऊर्जा के क्षेत्र में एक वैश्विक नेता और पथप्रदर्शक के रूप में अपने को स्थापित कर चुका है। हमारा प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन वैश्विक स्तर का एक तिहाई है। 2015 के पेरिस शिखर सम्मेलन में हमने प्रतिज्ञा की थी कि 2030 तक हम अपनी कुल ऊर्जा का 40 प्रतिशत गैर-जीवाश्म ईंधन से प्राप्त करेंगे। हम समय सीमा से सात साल पहले ही 42.8 प्रतिशत पर हैं। हम नवीकरणीय ऊर्जा के लिए सबसे आकर्षक बाजार के रूप में भी उभरे हैं।
