Sharjeel Imam Bail: दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने कहा कि शरजील इमाम ने मीडिया से संपर्क नहीं करने की शर्त का उल्लंघन किया है। हालांकि, अदालत ने उनकी अंतरिम जमानत रद्द करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि शरजील को आज ही जेल में सरेंडर करना है, ऐसे में जमानत रद्द करने का आदेश देना उचित नहीं होगा।
दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में आरोपी शरजील इमाम
दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में आरोपी शरजील इमाम को अंतरिम जमानत की शर्तों के उल्लंघन के मामले में अदालत से राहत मिली है। अदालत ने माना कि शरजील इमाम ने अंतरिम जमानत के दौरान मीडिया से संपर्क नहीं करने की शर्त का उल्लंघन किया। इसके बावजूद कोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत रद्द नहीं की।
शरजील ने जमानत की शर्तों का किया उल्लंघन
कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बजाज ने 10 अक्टूबर 2026 को इस मामले में आदेश पारित किया। अभियोजन पक्ष ने शरजील इमाम की अंतरिम जमानत रद्द करने की मांग की थी। आरोप था कि जमानत पर रिहा होने के बाद उन्होंने मीडिया से संपर्क किया और जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया।
शरजील इमाम को 22 सितंबर 2026 के आदेश के तहत अपने चचेरे भाई की शादी में शामिल होने के लिए 4 अक्टूबर से 10 अक्टूबर 2026 तक सात दिन की अंतरिम जमानत दी गई थी। अदालत ने जमानत देते समय कई शर्तें लगाई थीं। इनमें सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं करना और किसी भी मीडियाकर्मी के संपर्क में नहीं आना शामिल था।
पुलिस ने अदालत में दलील दी कि अंतरिम जमानत की अवधि के दौरान शरजील इमाम ने इन शर्तों का उल्लंघन किया। इसके समर्थन में अभियोजन ने न्यूज चैनल के वीडियो और सोशल मीडिया पर उपलब्ध फुटेज का हवाला दिया। अभियोजन ने इन्हीं आधारों पर उनकी अंतरिम जमानत रद्द करने की मांग की।
वीडियो देखने के बाद कोर्ट ने क्या कहा?
अदालत ने संबंधित वीडियो देखने के बाद कहा कि फुटेज के अलग-अलग हिस्सों को एक साथ देखने पर स्पष्ट होता है कि शरजील इमाम भी उसी कमरे में मौजूद थे, जहां उनकी मौजूदगी में उनके भाई का मीडियाकर्मी द्वारा इंटरव्यू लिया जा रहा था।
शरजील इमाम की ओर से दलील दी गई थी कि वीडियो अलग-अलग घटनाओं के क्लिप को जोड़कर बनाया गया है और उन्होंने खुद कोई इंटरव्यू नहीं दिया। उनके वकील ने यह भी कहा कि उनके भाई को मीडिया से बातचीत करने से रोकने की कोई शर्त नहीं थी।
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हालांकि, अदालत ने बचाव पक्ष की इस दलील को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि वीडियो से पता चलता है कि शरजील इमाम उसी कमरे में मौजूद थे, जहां मीडियाकर्मी उनके भाई का इंटरव्यू ले रहा था। अदालत के मुताबिक, प्रथम दृष्टया यह अंतरिम जमानत की शर्त का उल्लंघन है।
फिर जमानत रद्द क्यों नहीं हुई?
अदालत ने कहा कि शरजील इमाम को अंतरिम जमानत की अवधि समाप्त होने पर 10 अक्टूबर को शाम तक जेल में सरेंडर करना था। उनके वकील ने अदालत को बताया कि शरजील इमाम विमान से दिल्ली आ रहे हैं और शाम तक पहुंचकर सरेंडर कर देंगे।
इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने कहा कि अंतरिम जमानत रद्द करने का आदेश पारित करना उचित नहीं होगा। इसके साथ ही अदालत ने जमानत रद्द करने की मांग वाली अर्जी का निपटारा कर दिया। इस तरह अदालत ने एक ओर जमानत की शर्तों के उल्लंघन को माना। वहीं, दूसरी ओर शरजील इमाम की अंतरिम जमानत रद्द करने से इनकार कर दिया।
