Sharad Pawar: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को गंभीरता से लिया जा रहा है और वह किसी दिन देश का नेतृत्व करेंगे। इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में बातचीत के दौरान पवार ने कहा कि दिल्ली आबकारी नीति में कथित अनियमितताओं के मामले में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह को ईडी द्वारा गिरफ्तार किए जाने से विपक्षी गठबंधन इंडिया और मजबूत होगा।
शरद पवार
पवार बोले, अब चुनाव नहीं लड़ूंगा
उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में उनसे कहा था कि आम आदमी पार्टी दिल्ली की सात में से तीन सीटें कांग्रेस को देने के लिए तैयार है। पवार (82) ने कहा कि वह 2024 में आगामी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन दूसरों के लिए काम करेंगे । इसके साथ ही वरिष्ठ नेता ने दोहराया कि भारतीय जनता पार्टी के साथ हाथ मिलाने का कोई सवाल ही नहीं है। शरद पवार ने इस साल जुलाई में महाराष्ट्र सरकार में शामिल होने वाले अजित पवार के नेतृत्व वाले एनसीपी के खेमे का जिक्र करते हुए कहा था कि जो लोग भाजपा के साथ गए हैं, उनका एनसीपी से कोई लेना-देना नहीं है और उन्होंने जांच एजेंसियों के डर के कारण पाला बदल लिया है।
कहा, राहुल को अब गंभीरता से लिया जा रहा है
अनुभवी नेता ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा के बाद राहुल गांधी को गंभीरता से लिया जा रहा है और वह किसी दिन देश का नेतृत्व करेंगे। पवार ने कहा कि समाजवादी पार्टी को उत्तर प्रदेश में बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। हाल ही में यूपी उप-चुनाव उसने जो सीट जीती वह भाजपा की थी, भाजपा लगभग 60,000 मतों के अंतर से हार गई। यही वह रुझान है जो हम देख रहे हैं। एनसीपी प्रमुख ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी निश्चित रूप से दोबारा मजबूत होगी। कांग्रेस हरियाणा में अपनी स्थिति में सुधार करेगी । मुझे इस बात से कोई आश्चर्य नहीं होगा कि हरियाणा में सरकार गठन के लिये कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिल जाए ।
हम महाराष्ट्र में फिर सरकार बनाएंगे
दिल्ली और पंजाब में आम आदमी पार्टी बेहतर कर सकती है, और कई राज्यों में भारतीय जनता पार्टी कहीं भी नहीं है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के बाद महा विकास आघाड़ी (एमवीए) निश्चित रूप से महाराष्ट्र में सरकार बनाएगा। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना, कांग्रेस और उनकी अध्यक्षता वाली राकांपा के गठबंधन वाले एमवीए ने राज्य में निर्वाचन क्षेत्र-वार विश्लेषण किया है। उन्होंने कहा, निश्चित रूप से, हम महाराष्ट्र में सरकार बनाएंगे... पिछले (लोकसभा) चुनाव में, हमें यहां केवल चार सीटें मिली थीं। लेकिन इस बार, अगर हम कम से कम 50 प्रतिशत सीटें जीत जाएं तो मुझे आश्चर्य नहीं होगा।
अजित पवार गुट के साथ मेल-मिलाप नहीं
पवार ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाले गुट के साथ किसी भी तरह के मेल-मिलाप से इनकार किया। उन्होंने कहा कि न तो वह आहत हैं और न ही वह अजित से नाराज हैं, लेकिन भाजपा के साथ हाथ मिलाने के उनके फैसले को वह स्वीकार नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि एनसीपी के जो लोग भाजपा के साथ गए हैं, उन्होंने जांच एजेंसियों की धमकी के कारण ऐसा किया। जिन लोगों ने पाला बदला, उन्होंने सरकार में और सरकार के बाहर कई पदों का आनंद लिया, लेकिन जांच एजेंसियों की धमकी के कारण (भाजपा के साथ) चले गए ।
उन्होंने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस के इस दावे को भी खारिज कर दिया कि वह पवार ही थे जिन्होंने राज्य में 2019 विधानसभा चुनाव के बाद सरकार गठन के गतिरोध के बीच राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की थी। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने (भाजपा) राष्ट्रपति शासन लगाने का फैसला किया तो हमें इसे मना क्यों करना चाहिए। उनके पास संख्या बल है, वे मेरी बात क्यों सुनेंगे।
अडानी के साथ काम करने को तैयार
उद्योगपति गौतम अडानी के साथ अपने संबंधों के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में पवार ने कहा, मैं विकास के लिए तैयार हूं। राहुल गांधी द्वारा अडानी की आलोचना के बारे में पूछे जाने पर पवार ने कहा कि इसके बारे में राहुल गांधी से पूछें। यह पूछे जाने पर कि इंडिया गठबंधन के सहयोगियों के अलग-अलग विचार कैसे हो सकते हैं और गठबंधन कैसे काम करेगा, पवार ने कहा कि यह काम करेगा। (Bhasha)
