Raj Thackeray: क्या शरद पवार दो नाव की सवारी कर रहे हैं। महाराष्ट्र की राजनीति में जो कुछ हो रहा है क्या उसके पीछे शरद पवार हैं। दरअसल महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे को लगता है कि शरद पवार के बिना इशारे यह सबकुछ संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जो कुछ वो रहा है वो अपमानजनक है, मतदाताओं का अपमान है। शरद पवार ने ही सब कुछ किया है। 1978 में उन्होंने पुलोद(पुरोगामी लोकशाही दल) के जरिए इस तरह का प्रयोग शुरू किया था। महाराष्ट्र ने इस तरह की राजनीतिक अनिश्चितता को कभी नहीं देखा। यह सब कुछ पवार के साथ ही शुरू हुआ और उन्हीं पर जाकर खत्म होगा। प्रफुल्ल पटेल, दिलीप वलसे पाटिल या छगन भुजबल खुद से अजित पवार खेमे के साथ नहीं जाएंगे। यह सबकुछ शरद पवार के आशीर्वाद के बगैर संभव नहीं है।
एमएनएस मुखिया हैं राज ठाकरे
2 जुलाई को अजित पवार ने की थी बगावत
रविवार यानी 2 जुलाई को राजभवन में जब एक बार फिर शपथ लेते हुए अजित पवार नजर आए तो 2019 की वो सुबह याद आ गई जब वो देवेंद्र फडणवीस के नायब के तौर पर शपथ लेते दिखे थे। हालांकि उस समय शरद पवार खुद मैदान में उतरे और बाजी पलट दी। लेकिन 2023 की तस्वीर अलग है। अजित पवार के साथ वो बड़े चेहरे हैं जो 2019 में खुलकर उनके विरोध में थे। अजित पवार और शरद पवार मुंबई में दो अलग अलग जगहों पर शक्ति प्रदर्शन के जरिए यह बताने की कवायद कर रहे हैं कि एनसीपी पर दूसरे पक्ष का दावा गलत है। बताया जा रहा है कि अजित पवार के खेमे में कुल 30 विधायक मौजूद हैं। मंच से छगन भुजबल ने कहा कि अजित पवार को 40 विधायकों का समर्थन हासिल है। कुछ विधायक जल्द ही बैठक में नजर आएंगे क्योंकि वो ट्रैफिक में फंसे हुए हैं।
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