Maharashtra: जनता दल (यूनाइटेड) के दिग्गज नेता केसी त्यागी ने हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों पर अहम टिप्पणी की है। एक तरफ केसी त्यागी ने समाजवादी पार्टी सांसदों के मस्जिद जाने पर अखिलेश यादव का बचाव किया, जबकि दूसरी तरफ उन्होंने महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर होने का दावा किया है। जेडीयू नेता केसी त्यागी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में शरद पवार, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी के बयानों पर प्रतिक्रिया दी। साथ ही, उन्होंने बिहार में एसआईआर पर जारी राजनीति के बीच अपनी बात रखी।
केसी त्यागी ने किया महाराष्ट्र में उलटफेर का दावा
अखिलेश यादव दिल्ली में संसद भवन के पास बनी मस्जिद में समाजवादी पार्टी के सांसदों के साथ नजर आए थे। इस पर भाजपा ने सवाल उठाए हैं। हालांकि, केसी त्यागी का बयान बिल्कुल उलट आया है। उन्होंने कहा कि यह गलत नहीं है। उन्होंने कहा कि रामपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवीवो इस मस्जिद के इमाम हैं। उन्हीं के निमंत्रण पर सपा के सांसद वहां चाय पीने गए थे। इससे पहले भाजपा ने अखिलेश यादव पर सवाल उठाते हुए कहा था कि मस्जिद मीटिंग की जगह नहीं है।
हिंदी को प्रमोट करना भाषाई आतंकवाद नहीं: केसी त्यागी
बिहार में एसआईआर के मुद्दे पर केसी त्यागी ने कहा कि एसआईआर का आकलन चल रहा है। 97 प्रतिशत लोगों ने अपने नाम रजिस्टर्ड कराए हैं। एक महीने का समय राजनीतिक पार्टियों को दिया जाएगा, ताकि अपने नामों को सही से शामिल किया जा सके। शरद पवार ने देवेंद्र फडणवीस की तारीफ की है। इस पर केसी त्यागी ने दावा करते हुए कहा, "महाराष्ट्र की राजनीति में कुछ बड़ा होने वाला है। एनसीपी-एसपी और शिवसेना-यूबीटी, वह लगातार भाजपा के संपर्क में हैं। असल में देवेंद्र फडणवीस के जन्मदिन पर शरद पवार समेत कई नेताओं ने 'कॉफी टेबल बुक' में उनकी प्रशंसा की थी।
केसी त्यागी ने इस दौरान ममता बनर्जी की 'भाषाई आतंकवाद' वाली टिप्पणी पर भी जवाब दिया। उन्होंने अपने बयान में कहा कि हिंदी को प्रमोट करना भाषाई आतंकवाद नहीं है। हम मराठी, बंगाली और तेलुगु समेत सभी भाषाओं का सम्मान करते हैं। इससे पहले, ममता बनर्जी ने एक रैली के दौरान कहा कि भाजपा भाषाई आतंकवाद फैलाने का काम कर रही है।
