चंद्रयान 3 के लिए 2 साल तक घर नहीं गए वैज्ञानिक निंगथौजम रघु सिंह, माता-पिता से WhatsApp के जरिए करते हैं बात

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 25, 2023, 06:25 PM IST

Chandrayaan 3: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वैज्ञानिक निंगथौजम रघु सिंह चंद्रयान-3 को चंद्रमा पर भेजने का दायित्व निभाने के लिए 2 तक घर नहीं गए। साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि वह अगली बार घर कब जाएंगे।

Chandrayaan 3: काम के प्रति अपने प्रेम के कारण एक रॉकेट वैज्ञानिक दो वर्ष से अधिक समय से मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में स्थित अपने घर नहीं गए हैं। यह भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वैज्ञानिक निंगथौजम रघु सिंह हैं जो चंद्रयान-3 को चंद्रमा पर भेजने का दायित्व निभाने वाले लोगों में से एक हैं। सिंह ने कहा कि मुझे घर की याद आती है, लेकिन अपने काम की प्रकृति के कारण मैं करीब दो वर्ष से वहां नहीं गया हूं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि वह अगली बार घर कब जाएंगे। सिंह ने कहा कि लेकिन, मुझे अपने माता-पिता के साथ करीब हर दिन बातचीत करने के लिए व्हाट्सऐप और फेसबुक जैसी टैक्नोलॉजी को धन्यवाद देना चाहिए।

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चंद्रयान 3 को सफल बनाने वाले वैज्ञानिक ने बताया मिशन के कितना त्याग किया।

ISRO ने चंद्रयान 3 को सॉफ्ट लैंडिंग कराकर रचा इतिहास

भारत की सर्वश्रेष्ठ उपलब्धियों में से एक के तहत चंद्रयान-3 ने 23 अगस्त को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक ‘सॉफ्ट-लैंडिंग’ कर इतिहास रच दिया। सिंह ने कहा कि चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर लैंडिंग भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के और भी अधिक महत्वाकांक्षी अगले अध्याय की शुरुआत है, जिसमें सूर्य का अध्ययन किया जाएगा और गगनयान कार्यक्रम के तहत एक भारतीय मंच पर भारतीयों को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा।

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