‘क्या आप देश के मुख्य पुजारी हैं?’ सबरीमाला मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त,एनजीओ को लगाई फटकार

सबरीमाला मंदिर मामले में वर्ष 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने 4:1 के बहुमत से फैसला देते हुए 10 से 50 वर्ष की आयु की महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक को असंवैधानिक करार दिया था। अब इस मुद्दे पर व्यापक संवैधानिक और धार्मिक पहलुओं की दोबारा समीक्षा की जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर से जुड़े अहम मामले की सुनवाई के दौरान 'इंडियन यंग लॉयर्स एसोसिएशन’ नामक एनजीओ को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने तीखे सवाल करते हुए पूछा कि आखिर इस संगठन ने जनहित याचिका (PIL) किस आधार पर दायर की और क्या वह खुद को देश का मुख्य पुजारी मानता है।

सुप्रीम कोर्ट

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प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली नौ-सदस्यीय संविधान पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है, जिसमें शबरीमाला मंदिर समेत विभिन्न धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के प्रवेश और धार्मिक स्वतंत्रता की सीमा जैसे मुद्दों पर विचार हो रहा है।

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