UP: संभल हिंसा की न्यायिक जांच रिपोर्ट सदन में पेश, डेमोग्राफी बदलने की साजिश का खुलासा

न्यायिक जांच आयोग ने बीते वर्ष 28 अगस्त को अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी थी। इस रिपोर्ट में बेहद सुनियोजित तरीके से संभल की डेमोग्राफी बदलने की साजिश का खुलासा किया गया था। आयोग की अध्यक्षता इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस देवेंद्र कुमार अरोड़ा ने की।

Sambhal Violence: उत्तर प्रदेश के संभल में 24 नवंबर 2024 को भड़की हिंसा की न्यायिक जांच रिपोर्ट बुधवार को विधानसभा में सदन के पटल पर रखी गई। न्यायिक जांच आयोग ने बीते वर्ष 28 अगस्त को अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी थी। इस रिपोर्ट में बेहद सुनियोजित तरीके से संभल की डेमोग्राफी बदलने की साजिश का खुलासा किया गया था। आयोग की अध्यक्षता इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस देवेंद्र कुमार अरोड़ा ने की। उनके साथ रिटायर्ड IAS अमित मोहन प्रसाद और रिटायर्ड IPS अरविंद कुमार जैन भी शामिल थे।

sambhal Violence

संभल में 2024 में हुई हिंसा।

हिंदुओं की आबादी घटकर हुई 15 प्रतिशत-रिपोर्ट

रिपोर्ट के मुताबिक आजादी के दौरान संभल नगर पालिका में 45 प्रतिशत हिंदू आबादी थी, जो घटकर महज 15 फीसद रह गई। यह बदलाव लगातार हिंसा की वजह से पलायन और हिंदुओं के कत्लेआम की वजह से हुआ। दंगा, लव जिहाद और धर्मांतरण के जरिए हिंदू आबादी कम की गई। हिंदुओं की आबादी 20 फीसद से कम होने के बाद संभल में विदेशी बनाम देसी मुसलमान का संघर्ष शुरू हो गया।

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