संभल जामा मस्जिद विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा, जानिए हिंदू-मुस्लिम पक्ष में क्या-क्या दलीलें हुईं?

हिंदू पक्ष की ओर से 2024 में चन्दौसी की कोर्ट में सिविल सूट दाखिल किया गया था। इसमें संभल जामा मस्जिद में धार्मिक अनुष्ठान और पूजा करने के लिए प्रवेश का अधिकार मांगा गया है

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को संभल जामा मस्जिद कमेटी की उस याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसने ट्रायल कोर्ट के मस्जिद परिसर के सर्वे के लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त करने के आदेश को बरकरार रखा था। यह मामला हिंदू पक्षकारों की ओर से दायर सिविल सूट से जुड़ा है।

Sambhal Jama Masjid Dispute

संभल जामा मस्जिद विवाद (फाइल फोटो)

जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की बेंच ने मामले की सुनवाई की। मस्जिद कमेटी की ओर से सीनियर एडवोकेट हुजेफा अहमदी और एडवोकेट निजाम पाशा, हिंदू पक्षकारों की ओर से एडवोकेट विष्णु शंकर जैन और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज ने दलीलें रखीं।

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