Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए तीसरे प्रत्याशी को लेकर चल रही सभी तरह की अटकलों पर विराम लगाते हुए समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को बड़ा बयान दिया है। अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी का ध्यान सिर्फ राज्यसभा की 3 सीटों पर नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की पूरी 403 विधानसभा सीटों पर है।
अखिलेश यादव ने किया साफ, तीसरा उम्मीदवार नहीं होगा
तीसरे उम्मीदवार की चर्चाओं पर विराम
इससे पहले अखिलेश यादव ने कहा था कि जरूरी नंबर जुटाने के बाद सपा अपना तीसरा उम्मीदवार उतारेगी। नामांकन के आखिरी दिन मंगलवार सुबह अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा, "अब हमारा ध्यान तीन पर नहीं, बल्कि 403 पर है।" सपा ने पहले ही अपने दो वरिष्ठ उम्मीदवारों—रामगोपाल यादव और रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव धनराज परिमल नाथवानी को मैदान में उतारा है, जिन्होंने लखनऊ में अपना नामांकन दाखिल कर दिया है।
बीजेपी के 8 उम्मीदवार मैदान में
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने 8 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया है, जिनमें दलितों, ब्राह्मणों और ओबीसी चेहरों को तरजीह दी गई है। बीजेपी प्रत्याशी हैं- राज्य मंत्री धर्मपाल सिंह, श्रुति गंगवार, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, प्रियंका सिंह रावत, राधाकांत ओझा, गोपी कृष्ण पांडेय और राम प्रताप सिंह चौहान।
यूपी विधानसभा में क्या है वोटों का गणित?
भाजपा विधायक छोटेलाल वर्मा के निधन के बाद 403 सदस्यों वाली उत्तर प्रदेश विधानसभा में मौजूदा संख्याबल इस प्रकार है।
- एनडीए (NDA) गठबंधन के 288 विधायक
- बीजेपी: 255
- अपना दल (सोनेलाल): 13
- राष्ट्रीय लोक दल (RLD): 9
- सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP): 6
- निषाद पार्टी: 5
सपा-कांग्रेस (विपक्षी गठबंधन) के कुल 103 विधायक
- समाजवादी पार्टी: 101
- कांग्रेस: 2
राज्यसभा चुनाव का शेड्यूल
नामांकन की आखिरी तारीख 6 अक्टूबर है। कागजातों की जांच 7 अक्टूबर और नाम वापसी की अंतिम तिथि 9 अक्टूबर है, जबकि मतदान की तारीख 16 अक्टूबर है। बीजेपी के 8 उम्मीदवारों और सपा के दोनों उम्मीदवारों की जात तय मानी जा रही है।
मौजूदा सस्पेंस और अखिलेश यादव का कदम?
अगर सपा अपना तीसरा उम्मीदवार मैदान में उतारती, तो 10 सीटों पर 11 प्रत्याशी हो जाते। ऐसे में 10वीं/11वीं सीट के लिए क्रॉस-वोटिंग, द्वितीय वरीयता के वोटों की गिनती और कड़ा मुकाबला देखने को मिलता। लेकिन अखिलेश यादव के "हमारा फोकस 3 पर नहीं, 403 सीटों पर है" वाले बयान का अर्थ यही है कि सपा तीसरी सीट के लिए क्रॉस-वोटिंग के जोखिम और जोड़-तोड़ से दूर रहकर अपने 2 प्रत्याशियों को सुरक्षित निकालकर 2027 के विधानसभा चुनाव पर ध्यान देना चाहती है।
