Sadhvi Pragya Singh Thakur- मालेगांव धमाके में अदालत द्वारा रिहा होने के बाद भाजपा नेता साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर का कांग्रेस पर हमला लगातार जारीहै। इस बार उन्होंने मुस्लिम तुष्टिकरण को लेकर कांग्रेस को निशाने पर लिया। साथ ही कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह को भी निशाना बनाया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पर भाजपा नेता साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा, दिग्भ्रमित के पास कोई जवाब नहीं है। वह नाम लेने लायक व्यक्ति नहीं हैं। उनका नाम नहीं लेना चाहिए; जो उनका नाम लेंगे उनका पूरा दिन खराब हो जाएगा।
प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के लोगों ने हमेशा मुसलमानों के लिए तुष्टिकरण की राजनीति अपनाई है। उन्होंने अपने शासन में इसका इस्तेमाल किया। उन्होंने हिंदुओं को हर तरह से प्रताड़ित किया, उन्हें जेल में डाला और उन पर झूठे मुकदमे ठोके। उन्होंने इसे 'भगवा आतंक' और 'हिंदुत्व आतंक' कहा। कांग्रेस की मानसिकता बहुत ही तुच्छ है। यह कांग्रेस की एक साजिश थी और यह देशद्रोह के बराबर है।
हिन्दुत्व और धर्म की विजय है
अदालत के फैसले के बाद पहली बार भोपाल पहुंचीं प्रज्ञा ठाकुर ने यहां राजा भोज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में कहा, यह हिन्दुत्व और धर्म की विजय है, भगवा की विजय है। हमारे शास्त्रों में कहा गया है सत्यमेव जयते, यह सिद्ध हुआ है। भगवा आतंकवाद कहने वालों के मुंह काले हुए हैं। भोपाल की पूर्व सांसद ने कहा, उनको (भगवा आतंकवाद कहने वालों) समाज ने और देश ने बहुत अच्छे से जवाब दिया है। अदालत का निर्णय स्पष्ट है और वह विरोधियों तथा भगवा आतंकवाद कहने वालों के मुंह पर तमाचा है।
महाराष्ट्र में नासिक जिले के मालेगांव में 29 सितंबर 2008 को हुए विस्फोट में छह लोग मारे गए थे और 101 घायल हो गए थे। विशेष अदालत ने प्रज्ञा ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित समेत सभी सातों आरोपियों को 30 जुलाई को बरी करते हुए कहा था कि उनके खिलाफ कोई विश्वसनीय और ठोस सबूत नहीं हैं। भोपाल स्थित आवास पर ठाकुर के पहुंचने के बाद उनका फूल-मालाओं और ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया गया और मिठाइयां भी बांटी गईं।
प्रज्ञा ठाकुर ने एक बार फिर वह आरोप दोहराया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि जांच अधिकारियों ने उन्हें प्रताड़ित किया और उन पर कई लोगों के नाम लेने का दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा, दबाव था लेकिन मैं इसमें आई नहीं। मैंने किसी का भी झूठा नाम नहीं लिया। इसलिए मुझे इतना प्रताड़ित किया गया। प्रज्ञा ठाकुर ने शनिवार को मुंबई में दावा किया था कि जांच अधिकारियों ने उन्हें प्रताड़ित किया था और उनसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई लोगों के नाम लेने को कहा था।
ऐसा पहली बार है जब ठाकुर ने यह सनसनीखेज दावा किया, जिसका एनआईए की विशेष अदालत के 1036 पृष्ठों के फैसले में कोई जिक्र नहीं है। प्रज्ञा ठाकुर शनिवार को कुछ औपचारिकताएं पूरी करने के लिए सत्र अदालत में पेश हुईं। अदालत के बाहर पत्रकारों के साथ बातचीत में उन्होंने दावा किया कि पूछताछ के दौरान उन्हें प्रताड़ित किया गया था। विशेष न्यायाधीश ए.के. लाहोटी ने अपने फैसले में ठाकुर के यातना और दुर्व्यवहार के दावों को खारिज किया है।
