S Jaishankar Statement on Deportation of Indians: अमेरिका से प्रवासी भारतीयों को निर्वासित किए जाने के मुद्दे पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आज राज्यसभा में बयान दिया। अमेरिका से निर्वासित भारतीय नागरिकों पर राज्यसभा में बोलते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि यह सभी देशों का दायित्व है कि अगर वे विदेश में अवैध रूप से रह रहे पाए जाते हैं तो अपने नागरिकों को वापस ले लें। साथ ही कहा कि भारतीयों के साथ बुरे बर्ताव को लेकर अमेरिकी सरकार से बातचीत की जा रही है।
एस जयशंकर
यह सभी देशों का दायित्व है...
उन्होंने कहा, यह सभी देशों का दायित्व है कि यदि उनके नागरिक विदेश में अवैध रूप से रह रहे पाए जाते हैं तो वे अपने नागरिकों को वापस लें। यह नीति केवल एक देश पर लागू नहीं है। निर्वासन की प्रक्रिया कोई नयी नहीं है, यह कई वर्षों से है। जयशंकर ने अमेरिका से अब तक भारत निर्वासित किए गए लोगों के आंकड़े भी सदन के समक्ष रखे। उन्होंने कहा कि साल 2009 में 734, साल 2010 में 799, साल 2011 में 597, साल 2012 में 530 भारतीयों को निर्वासित किया गया। उन्होंने इस संबंध में 2024 तक के आंकड़े साझा किए।
उन्होंने कहा, हम यह सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका की सरकार के साथ बातचीत कर रहे हैं कि निर्वासित लोगों के साथ दुर्व्यवहार नहीं हो। हमारा ध्यान अवैध प्रवासन उद्योग के खिलाफ मजबूत कार्रवाई पर होना चाहिए।
बता दें कि अमेरिका में कथित तौर पर बिना दस्तावेज़ों के रह रहे भारतीयों को निर्वासित किए जाने के मुद्दे पर आज संसद के दोनों सदनों में विपक्ष ने हंगामा किया। अमेरिकी सेना का एक विमान बुधवार को अमेरिका में कथित तौर पर बिना दस्तावेज़ों के रह रहे भारतीयों को लेकर अमृतसर हवाई अड्डे पर उतरा था। डोनाल्ड ट्रंप के दूसरी बार सत्ता संभालने के बाद से ये अमेरिका में रह रहे भारतीयों का पहला निर्वासन है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ व्यापक वार्ता के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आगामी वाशिंगटन यात्रा से कुछ ही दिन पहले यह कार्रवाई हुई है।
दुर्व्यवहार को लेकर कर रहे हैं अमेरिकी सरकार से बातचीत
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा, हम यह सुनिश्चित करने के लिए अमेरिकी सरकार से बातचीत कर रहे हैं कि निर्वासित लोगों के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार न किया जाए। साथ ही, सदन इस बात की सराहना करेगा कि हमारा ध्यान अवैध आव्रजन उद्योग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई पर होना चाहिए। निर्वासित लोगों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर कानून प्रवर्तन एजेंसियां एजेंटों और ऐसी एजेंसियों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई करेगी को एक मिसाल बनेगी।
एसओपी 2012 से प्रभावी है
जयशंकर ने कहा, निर्वासन आईसीई अधिकारियों (ICE authorities) द्वारा किया जाता है। एसओपी 2012 से प्रभावी है। निर्वासित लोगों को शौचालय जाने के दौरान मुक्त कर दिया जाता है। ये चेक किए जाते हैं। ये 2009 से होता आया है, मैं डिटेल्स बता रहा हूं। 20009- में 734, 2010 में 799, 2013 में 515, 2014 में 708 लोगों को निर्वासित किया गया। डिपोर्टेशन पहली बार नहीं हुआ है। भारतीय बुरे हालात में वहां फंसे थे।इससे पहले, विपक्षी दलों के सदस्यों ने इस मुद्दे पर राज्यसभा में जमकर हंगामा किया था जिसकी वजह से उच्च सदन की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही देर बाद स्थगित कर दी गई थी। इस वजह से सदन में शून्यकाल नहीं हो सका था।
लोकसभा में हंगामा
अमेरिका से वापस भेजे गए अवैध भारतीय प्रवासियों के साथ हुए व्यवहार को लेकर विपक्षी दलों के सदस्यों ने लोकसभा में नारेबाजी की जिसके कारण सदन की कार्यवाही दो बार के स्थगन के बाद दो बजे दोबारा शुरू होने के कुछ मिनट के अंदर ही 3.30 बजे तक स्थगित कर दी गई। इस मुद्दे पर विदेश मंत्री एस जयशंकर 3.30 बजे सदन में बयान देंगे।
अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे भारतीयों को निर्वासित करने के तरीके पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण दो बार के स्थगन के बाद लोकसभा की बैठक दो बजे शुरू हुई तो संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सदन को सूचित किया कि इस मुद्दे पर विदेश मंत्री जयशंकर अपराह्न 3.30 बजे बयान देंगे। उन्होंने हंगामा कर रहे सदस्यों ने सदन में बजट पर चर्चा होने देने की अपील की।
पीठासीन सभापति दिलीप सैकिया ने भी नारेबाजी कर रहे सदस्यों से बजट पर चर्चा शुरू होने देने की अपील करते हुए कहा, आज जिस मुद्दे को उठा रहे हैं, उस पर विदेश मंत्री 3.30 बजे सदन में बयान देंगे। कार्यवाही चलाने में सहयोग कीजिए।
