S Jaishankar on Jammu and Kashmir: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर पर बड़ा बयान दिया। लंदन में विदेश मंत्री ने कहा कि 'क्षेत्र मनें संघर्ष एवं तनाव की ज्यादातर समस्याओं को सुलझा लिया गया है। कश्मीर के चुराए हुए हिस्से को पाकिस्तान कब लौटा रहा है, नई दिल्ली बस इसका इंतजार कर रही है।' विदेश मंत्री ने यह बात थिंक टैंक चैथम हाउस में आयोजित एक चर्चा सत्र को संबोधित करते हुए कहीं। सत्र में उनसे कश्मीर समस्या सुलझाने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में पूछा गया था। इसका जवाब देते हुए जयशंकर ने कहा कि अनुच्छेद 370 की समाप्ति इस दिशा में पहला कदम था।
लंदन में चर्चा सत्र में भाग लेते विदेश मंत्री एस जयशंकर।
विश्व में भारत का उदय और भूमिका' पर सत्र
लंदन के ‘चैथम हाउस थिंक टैंक’ में बुधवार शाम ‘विश्व में भारत का उदय और भूमिका' शीर्षक पर आयोजित सत्र के दौरान विदेश मंत्री से कई वैश्विक मुद्दे पर सवाल पूछे गए। कश्मीर में मुद्दों को हल करने के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा, 'अनुच्छेद 370 को हटाना पहला कदम था, कश्मीर में विकास एवं आर्थिक गतिविधि और सामाजिक न्याय को बहाल करना दूसरा कदम था और चुनाव कराना तीसरा कदम था जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने मतदान किया।' उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि जिस बात का हम इंतजार कर रहे हैं, वह कश्मीर के उस हिस्से को वापस पाना है जो पाकिस्तान के अवैध कब्जे में है। मैं आपको आश्वासन देता हूं कि जब यह हो जाएगा, तब कश्मीर का समाधान हो जाएगा।'
ब्रिटेन और आयरलैंड के छह दिवसीय दौरे पर जयशंकर
अमेरिका की नई सरकार के बारे में जयशंकर ने कहा, 'हम एक ऐसे राष्ट्रपति और प्रशासन को देख रहे हैं जो बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है और यह भारत के अनुकूल है।' जयशंकर ब्रिटेन और आयरलैंड के छह दिवसीय दौरे पर हैं। उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप के दृष्टिकोण से हमारे पास एक बड़ा साझा उपक्रम ‘क्वाड’ है जो एक ऐसी समझ है जहां हर कोई अपना उचित हिस्सा देता है... इसमें किसी को भी लाभ नि:शुल्क नहीं मिलता।... इसलिए यह एक अच्छा मॉडल है जो काम करता है।’ ‘क्वाड’ में अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान शामिल हैं।
FTA पर भी की चर्चा
मंत्री ने शुल्क के विशिष्ट मुद्दे पर कहा कि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर चर्चा के लिए फिलहाल वाशिंगटन में हैं। इससे पहले पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ट्रंप ने ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) में वार्ता की थी। जयशंकर ने कहा, 'हमने इस (शुल्क) विषय पर बहुत खुलकर बातचीत की और उस बातचीत का परिणाम यह हुआ कि हम द्विपक्षीय व्यापार समझौते की आवश्यकता पर सहमत हुए।’ ‘चैथम हाउस’ की निदेशक ब्रोनवेन मैडॉक्स के साथ बातचीत के दौरान विदेश मंत्री ने भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) संबंधी वार्ता पर अपने ‘‘सतर्क आशावाद’’ सहित कई मुद्दों पर व्यापक चर्चा की।
