28 साल के इतिहास में RJD की दूसरी सबसे बड़ी हार, जीते केवल 26 सीट, किसी तरह से अपनी सीट बचा पाए तेजस्वी

चुनाव में राजद की स्थिति क्या थी इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तेजस्वी खुद अपनी सीट किसी तरह से बचा पाए। राघोपुर सीट पर भाजपा उम्मीदवार सतीश कुमार के सात उनकी रस्साकशी चलती रही। अंतिम दौर तक चले इस कड़े मुकाबले में तेजस्वी ने 14532 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। पिछली बार के मुकाबले तेजस्वी की जीत का अंतर काफी कम रहा। राजद की अगर बात करें तो उसे बहुत बड़ा झटका लगा है।

RJD big defeat in Bihar Election 2025: बिहार में चुनाव नतीजे ऐसे आएंगे इसकी किसी को भी उम्मीद नहीं थी। एग्जिट पोल्स ने एनडीए की जीत का अनुमान जताया था लेकिन यह जीत इतनी प्रचंड और सुनामी वाली होगी इसका अनुमान खुद राजग के दलों को भी नहीं था। बिहार चुनाव के इस प्रचंड जनादेश से एनडीए जहां उत्साह और नई ऊर्जा से भर गया है, वहीं, महागठबंधन की अगुवाई करने वाले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में मायूसी और हताशा फैली है। राजद और उसके नेता तेजस्वी यादव इस चुनाव में अपनी जीत मानकर चल रहे थे। तेजस्वी ने तो बकायदा सीएम पद पर अपने शपथ की तिथि 18 नवंबर घोषित कर दी थी लेकिन चुनाव नतीजों ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

tej pratap yadav

28 साल के इतिहास में RJD की दूसरी सबसे बड़ी हार

2010 में राजद को मिली थीं महज 22 सीटें

चुनाव में राजद की स्थिति क्या थी इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तेजस्वी खुद अपनी सीट किसी तरह से बचा पाए। राघोपुर सीट पर भाजपा उम्मीदवार सतीश कुमार के सात उनकी रस्साकशी चलती रही। अंतिम दौर तक चले इस कड़े मुकाबले में तेजस्वी ने 14532 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। पिछली बार के मुकाबले तेजस्वी की जीत का अंतर काफी कम रहा। राजद की अगर बात करें तो उसे बहुत बड़ा झटका लगा है। साल 1997 में राजद का गठन हुआ और इसके बाद उसने कई चुनाव लड़े और जीते। उसकी हार भी हुई लेकिन यह पराजय बहुत बड़ी है। अपने 28 साल के इतिहास में राजद की यह दूसरी बड़ी हार है। इस बार उसने 142 सीटों पर चुनाव लड़ा लेकिन जीत केवल 26 सीटों पर मिली। इससे पहले राजद की सबसे बड़ी पराजय 2010 के विधानसभा चुनाव में हुई। इस चुनाव में उसे 22 सीटें ही मिली थीं।

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