गंगा-ब्रह्मपुत्र जैसी नदियों पर पड़ेगी जलवायु परिवर्तन की मार, एक अरब लोग भुगतेंगे गंभीर नतीजे!

  • Edited by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 20, 2024, 03:26 PM IST

रिपोर्ट में कहा गया है कि सीवेज और औद्योगिक कचरे ने पानी को गंभीर रूप से प्रदूषित कर दिया है, जिससे मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए जोखिम पैदा हो गया है।

Climate Change: एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि गंगा, सिंधु और ब्रह्मपुत्र सहित दक्षिण एशिया की प्रमुख नदियों पर जलवायु परिवर्तन का गहरा असर पड़ेगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि मानवीय गतिविधियों और जलवायु परिवर्तन के कारण करीब एक अरब लोगों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। तीनों नदियों पर तैयार की गई इस रिपोर्ट का शीर्षक 'एलिवेटिंग रिवर बेसिन गवर्नेंस एंड कोऑपरेशन इन द एचकेएच रीजन' है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नदी घाटी प्रबंधन के लिए लचीला दृष्टिकोण अपनाने की तुरंत जरूरत है।

Ganga climate change

गंगा-ब्रह्मपुत्र नदी पर जलवायु परिवर्तन का होगा असर

हिंदू कुश हिमालय के जल स्रोत पर खतरा

हिंदू कुश हिमालय दक्षिण एशिया और दक्षिण पूर्व एशिया के कुछ हिस्सों के मीठे पानी का स्रोत हैं। उनकी बर्फ, ग्लेशियरों और वर्षा से उत्पन्न पानी एशिया की 10 सबसे बड़ी नदी प्रणालियों को भरता है। गंगा भारतीय उपमहाद्वीप में 60 करोड़ से अधिक व्यक्तियों के लिए पवित्र और महत्वपूर्ण नदी मानी जाती है। अब यह भी बढ़ते पर्यावरणीय खतरों का सामना कर रही है। तीव्र औद्योगिकीकरण, शहरीकरण और गहन कृषि प्रथा ने नदी के पारिस्थितिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है।

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