Ram Temple : राम मंदिर का इंतजार अब खत्म हो गया है। मंदिर निर्माण का कार्य जहां अंतिम चरण में है, वहीं गर्भ गृह में राम लला की प्राण-प्रतिष्ठा की तिथि भी करीब-करीब तय हो गई है। गर्भ गृह में प्राण प्रतिष्ठा 20 जनवरी से 24 जनवरी के बीच कभी भी हो सकती है। जबकि इससे जुड़े धार्मिक अनुष्ठान एवं कार्यक्रम की शुरुआत साधु-संत 14-15 जनवरी से शुरू कर देंगे। प्राण प्रतिष्ठा के इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि प्राण-प्रतिष्ठा का कार्यक्रम समाप्त हो जाने के अगले दिन से भक्त राम लला का दर्शन कर पाएंगे। एक दिन में सवा लाख भक्त दर्शन कर सकेंगे।
51 इंच की होगी राम लला की मूर्ति
गर्भ गृह में 51 इंच की होगी राम लला की मनमोहक एवं दिव्य मूर्ति होगी। राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र ने राम मंदिर निर्माण एवं प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की जानकारी दी है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालु राम मंदिर का भूतल देख पाएंगे। भूतल में रामकथा का आयोजन किया जाएगा। पूर्वी द्वार से 4 मंडप पार कर गर्भ गृह तक श्रद्धालु पहुंच सकेंगे।
2024 तक बन जाएंगे 7 मंदिर भी
रामनवमी के दिन भगवान राम के ललाट पर सूर्य की किरण पड़ेगी। 5 से 10 सेकेंड या 1 मिनट तक ललाट पर किरण रहेगी। इसे स्क्रीन पर भी देखा जा सकेगा। वहीं दान से अब तक 3500 करोड़ रुपए एकत्र हो चुके हैं। राम मंदिर परिसर में महर्षि वाल्मिकी, वशिष्ठ, आहिल्या, निषाद सहित 7 मंदिर भी यहां बनाए जाएंगे। 2024 तक इन 7 अन्य मंदिरों का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।
अनुष्ठान में सम्मिलित होंगे पीएम
मिश्र ने बताया कि राम मंदिर के पहले चरण का निर्माण कार्य पूरा होने और अगले साल 22 जनवरी को वहां श्रीराम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के बाद इसे 23 तारीख से श्रद्धालुओं के लिए खोला जा सकता है। प्रधानमंत्री मोदी के प्रधान सचिव रहे मिश्रा ने यह भी कहा कि श्रीराम की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा अगले वर्ष 22 जनवरी को होगी और 20 से 24 जनवरी के बीच किसी भी दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इससे जुड़े अनुष्ठान में सम्मिलित होंगे।
