ठाकरे परिवार के 'भाइयों' के मिलन पर एकनाथ शिंदे बोले- एक ने मराठी हित की बात की दूसरे ने कड़वी बातें उगलीं

एकनाथ शिंदे ने कहा, ‘एक ने मराठी की भलाई की कामना की, दूसरे ने सत्ता के लिए कड़वी बातें उगलीं। कुछ लोगों ने (रैली से पहले) कहा था कि जीत के जश्न में पार्टी का झंडा नहीं होगा। एक वक्ता (राज ठाकरे) ने इसका अनुसरण किया, दूसरे (उद्धव) ने अपना एजेंडा बताया। यही अंतर है।’उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान ही केंद्र ने मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया था।

Maharashtra: महाराष्ट्र के स्कूलों में कथित रूप से हिंदी थोपने के नाम पर दोनों चचेरे भाइयों उद्धव एवं राज ठाकरे के एक साथ आने पर महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने प्रतिक्रिया दी है। शिंदे ने शनिवार को कहा कि राज ठाकरे ने मराठी के हित में बात की, लेकिन उद्धव ठाकरे ने स्कूलों में हिंदी पढ़ाने के मुद्दे पर सरकार के पीछे हटने का जश्न मनाने के वास्ते चचेरे भाइयों की रैली में सत्ता के लिए अपनी हताशा को जाहिर किया। शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना से जुड़े मंत्री उदय सामंत ने भी इसी तरह दोनों चचेरे भाइयों के बीच अंतर करने की कोशिश की और केवल उद्धव पर निशाना साधा, जो प्रतिद्वंद्वी शिवसेना (उबाठा) का नेतृत्व करते हैं।

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महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे।

एक साथ नजर आए उद्धव व राज

दोनों चचेरे भाई राज और उद्धव मराठी पहचान और हिंदी भाषा थोपने के खिलाफ दो दशक के बाद पहली बार शनिवार को राजनीतिक मंच पर एक साथ नजर आए।

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