इस बार गणतंत्र दिवस पर राजधानी दिल्ली में स्थित कर्तव्य पथ सिर्फ परेड का मंच ही नहीं बनेगा, बल्कि यह भारत की सामरिक शक्ति का सजीव प्रदर्शन बनेगा। इस साल आसमान में भारतीय वायु सेना कुछ ऐसे करतब और दृश्य दिखाएगी कि दर्शक अपने दांतो तले उंगली दबा लेंगे। 26 जनवरी को राजपथ के आसमान में भारतीय वायुसेना अपने फ्लाईपास्ट में ‘सिंदूर’ वाला विशेष फॉर्मेशन बनाएगी। यह फॉर्मेशन आतंक और उसके सरगनाओं के खिलाफ भारत के ऑपरेशन सिंदूर का प्रतीक होगा।
गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के आसमान में दिखेगी वायुसेना की ताकत।
वायुसेना आसमान में बनाएगी सिंदूर फॉर्मेशन
‘सिंदूर’ फॉर्मेशन में वायुसेना के सबसे भरोसेमंद और मारक फाइटर जेट शामिल होंगे। इसमें राफेल की धार, सुखोई-30 की ताकत और मिग-29 की फुर्ती और जगुआर की सटीकता देख दुश्मन भी थर-थर कांपेंगे। वायुसेना ने एक स्केच जारी कर इस फॉर्मेशन की झलक भी पहले ही दे दी है, जिसमें साफ दिखता है कि किस तरह भारतीय लड़ाकू विमानों ने दुश्मन के ठिकानों पर दबदबा बनाया और आतंक के नेटवर्क को नेस्तनाबूद किया।
जिन फाइटर जेट्स ने पाकिस्तान को चटाई थी धूल, वो फिर दहलाएंगे दुश्मनों के दिल
सूत्रों के मुताबिक, गणतंत्र दिवस की मुख्य परेड में उड़ान भरने वाला यह फॉर्मेशन उन्हीं विमानों से बनेगा, जो ऑपरेशन सिंदूर के दौरान निर्णायक भूमिका में थे। फ्लाईपास्ट के इस खास फॉर्मेशन में दो राफेल, दो सुखोई-30 एमकेआई, दो मिग-29 और एक जगुआर शामिल होगा।
वायुसेना अधिकारियों ने यह भी बताया
वायुसेना अधिकारियों के मुताबिक, फ्लाईपास्ट में कुल 29 एयरक्राफ्ट शामिल होंगे, जिनमें 4 ट्रांसपोर्ट विमान और 9 हेलिकॉप्टर भी होंगे। इस दौरान ‘सिंदूर’, ‘ध्वज’, ‘प्रहार’, ‘गरुड़’, ‘अर्जन’, ‘वरुणा’ और ‘वज्रांग’ जैसी प्रभावशाली फॉर्मेशन दिखाई जाएंगी। खास बात यह है कि फ्लाईपास्ट के दौरान ऑपरेशन सिंदूर का ध्वज भी फहराया जाएगा। इसके अलावा फ्लाईपास्ट में एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर (ALH), अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर, नौसेना का P-8I समुद्री निगरानी विमान और Mi-17 हेलिकॉप्टर भी आसमान में दम दिखाएंगे।
इस साल ये होंगे मुख्य अतिथि
भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस भव्य सैन्य प्रदर्शन के साथ मनाएगा। परेड में एलीट मार्चिंग टुकड़ियां, मिसाइलें, स्वदेशी हथियार प्रणालियां और अत्याधुनिक सैन्य साजो-सामान प्रदर्शित किए जाएंगे। इस वर्ष परेड के मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन होंगी।
