Reservation Row: दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी के आंदोलन के बाद 'आरक्षण हटाओ आंदोलन' के बैनर तले हजारों युवा एकजुट हुए और आरक्षण को खत्म करने की डिमांड करने लगे। इसको लेकर सियासत पहले से ही गर्मायी हुई है। इस बीच, केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले का आरक्षण को लेकर बड़ा बयान सामने आया। रामदास आठवले ने शुक्रवार को सशर्त आरक्षण छोड़ने की मंशा से सबको अवगत कराया।
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले (फोटो साभार: @RamdasAthawale)
'EWS को 10% दिया जाता है आरक्षण'
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आरक्षण संवैधानिक अधिकार है और यदि समाज से जातिवाद समाप्त हो जाए तो इसके लाभार्थी आरक्षण का लाभ छोड़ने के लिए तैयार हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री आठवले ने रांची में संवाददाताओं से कहा कि अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को मिलाकर कुल 49.5 प्रतिशत आरक्षण मिलता है, जबकि सालाना आठ लाख रुपये से कम आय वाले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाता है।
क्या कुछ बोले रामदास आठवले?
समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगर जाति व्यवस्था खत्म हो जाती है, तो हम आरक्षण छोड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने के समय अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई थी। बाद में इसका लाभ अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तक भी बढ़ाया गया।
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