2000 Note News : भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को एक बड़ा फैसला लिया। आरबीआई ने 2000 रुपये के नोट को लेकर सभी बैंकों को निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत ग्राहकों में इनका प्रसार रोक दें। हालांकि, इस रिजर्व बैंक की इस गाइडलाइन में सबसे बड़ी राहत की बात ये है कि 2000 रुपये के नोट फिलहाल वैध मुद्रा बने रहेंगे। इस ऐलान के बाद से ही सत्ता के गलियारे में उथल-पुथल मच गई है। कांग्रेस ने भाजपा पर तंज कसते हुए इसे तुगलकी फरमान बताया है। जयराम रमेश ने कहा कि, 'हमारे स्वयंभू विश्व गुरु की विशेषता है कि वे करते पहले हैं और सोचते बाद में हैं। कांग्रेस नेता कहते हैं कि 8 नवंबर 2016 के बाद बड़ी धूमधाम से 2000 रुपये के नोट लाए गए और अब वापस ले रहे हैं।
दो हजार के नोटों का प्रसार रुका। (सांकेतिक फोटो)
वहीं, भाजपा नेता सुशील मोदी ने इस कदम को भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा प्रहार बताया है।
सुशील मोदी ने बताया सर्जिकल स्ट्राइक
भाजपा के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने आरबीआई के इस फैसले को काले धन पर दूसरी सर्जिकल स्ट्राइक बताया है। उन्होंने कहा है कि नोटबंदी के दौरान लोगों को तुरंत राहत देने के लिए सरकार ने 2000 रुपए के नोट छापने शुरू किए थे। इससे आम आदमी को परेशानी नहीं होगी क्योंकि उनके पास 2000 रुपये के नोट नहीं हैं। बता दें कि सुशील मोदी शीतकालीन सत्र के दौरान कई बार दो हजार के नोटों को बंद करने का मुद्दा उठा चुके हैं। दिसंबर, 2022 में सुशील मोदी ने कहा था कि, बाजारों में से यह नोट गायब हो रहा है और एटीएम से भी नहीं निकल रहा है। काले धन में नोट के उपयोग का संशय जताते हुए उन्होंने इसे बंद कर देने की अपील की थी।
कांग्रेस का पीएम मोदी पर अटैक
आरबीआई के निर्देश के बाद कांग्रेस ने ट्वीट किया है कि, 'हमेशा की तरह PM मोदी का एक और फैसला गलत साबित हुआ। 2000 के नोट अब चलन में नहीं रहेंगे। याद रहे- नोटबंदी के तानाशाही फैसले के बाद इस नोट को लाया गया था। दावा था कि इससे कालाधन खत्म हो जाएगा, भ्रष्टाचार खत्म हो जाएगा। सारे दावे पलट गए, अब बिना सोचे-समझे लिया गया ये फैसला भी पलट गया। मोदी जी... आपसे गुजारिश है- बचकाने फैसले लेना बंद कीजिए।'
केजरीवाल ने भी साधा निशाना
बैंक से नोट को वापस लेने का आदेश आते ही दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने ट्वीट किया कि, 'पहले बोले 2000 का नोट लाने से भ्रष्टाचार बंद होगा। अब बोल रहे हैं 2000 का नोट बंद करने से भ्रष्टाचार ख़त्म होगा। इसीलिए हम कहते हैं, PM पढ़ा लिखा होना चाहिए। एक अनपढ़ पीएम को कोई कुछ भी बोल जाता है। उसे समझ आता नहीं है। भुगतना जनता को पड़ता है।'
अखिलेश भी नहीं चूके
दो हजार के नोट वापस लेने के आदेश के बाद यूपी के पूर्व सीएम और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि, 'कुछ लोगों को अपनी गलती देर से समझ आती है… 2000/- के नोट के मामले में भी ऐसा ही हुआ है लेकिन इसकी सज़ा इस देश की जनता और अर्थव्यवस्था ने भुगती है। शासन मनमानी से नहीं, समझदारी और ईमानदारी से चलता है।'
ममता बनर्जी ने कही ये बात
नोटबदली के इस निर्देश के आते ही बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने ट्वीट किया और लिखा कि, 'यह 2000 का धमाका नहीं था बल्कि एक बिलियन भारतीयों के लिए एक बिलियन डॉलर का धोखा था। जागो मेरे प्यारे भाइयों और बहनों। नोटबंदी के कारण हमने जो पीड़ा झेली है, उसे भुलाया नहीं जा सकता और जिसने यह कष्ट दिया, उसे माफ नहीं किया जाना चाहिए।'
