Ram Mandir Donation Row: राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर सियासी बयानबाजी भी खूब हो रही है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित गड़बड़ी और हेराफेरी के मामलों पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि मीडिया में सामने आ रही ऐसी खबरें बेहद गंभीर और चिंताजनक हैं और अगर किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो जिम्मेदार लोगों को छोड़ा नहीं जाना चाहिए। मायावती ने अपने बयान में कहा कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण भी नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक, धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों को राजनीति से दूर रखते हुए पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।
राम मंदिर चंदा विवाद पर मायावती ने जताई चिंता।
मायावती ने क्या दिया सुझाव?
बसपा प्रमुख ने सुझाव दिया कि देश के अन्य प्रतिष्ठित मंदिरों में चढ़ावे के प्रबंधन और वित्तीय लेखा-जोखा के लिए अपनाई जा रही व्यवस्थाओं का अध्ययन कर उन्हें राम मंदिर में भी लागू किया जा सकता है, ताकि भविष्य में किसी तरह का विवाद या शिकायत न उठे।
'जब तक राम मंदिर जाने की इजाजत नहीं मिलती, तब तक अयोध्या नहीं छोड़ेंगे'
वहीं, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री अजय राय ने मंगलवार को दावा किया कि उन्हें अयोध्या पहुंचते ही नजरबंद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें राम मंदिर में दर्शन की अनुमति नहीं मिलेगी, तब तक वह अयोध्या नहीं छोड़ेंगे। राय ने अयोध्या से मंगलवार को टेलीफोन पर पीटीआई से बातचीत में कहा, "मंगलवार के कार्यक्रम के लिए अयोध्या पहुंचते ही पुलिस ने मुझे 'हाउस अरेस्ट' (नजरबंद) कर दिया।" उन्होंने कहा, "जब तक मुझे राम मंदिर जाने की अनुमति नहीं मिलती, मैं अयोध्या नहीं छोड़ूंगा।"
राय ने एक गेस्ट हाउस से टेलीफोन पर बातचीत में कहा, "यह कैसी सरकार है, जो हमारे राम मंदिर जाने से डरती है?" राय ने दावा किया कि उन्हें मंगलवार के कार्यक्रम के लिए अयोध्या पहुंचने के तुरंत बाद सोमवार देर रात उनके होटल से आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के अतिथि गृह ले जाया गया, जहां उन्हें नजरबंद कर रखा गया है।
