Ram Mandir Donation Row: राम मंदिर चंदा चढ़ावा विवाद को लेकर हर दिन नई जानकारी सामने आ रही है। इसी बीच ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को लेकर इस्तीफे की चर्चाओं के बीच उनके छोटे भाई सुनील बंसल का बयान सामने आया है। बिजनौर निवासी सुनील बंसल ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि यह विपक्षी दलों की ओर से भाजपा और राम मंदिर की छवि खराब करने की कोशिश है।
चंपत राय के छोटे भाई सुनील बंसल ने राम मंदिर चंदा विवाद पर दी प्रतिक्रिया। ANI
सुनील बंसल ने कहा कि मामले की जांच एसआईटी कर रही है और जांच एजेंसियों को अपना काम करने देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि उनके भाई पर लगाए जा रहे आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और सच्चाई जांच के बाद सामने आएगी।
‘50 साल से मंदिर आंदोलन और सेवा से जुड़े हैं चंपत राय’
बिजनौर के नगीना से संबंध रखने वाले चंपत राय लंबे समय से राम मंदिर आंदोलन और मंदिर प्रबंधन से जुड़े रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने काफी पहले अपना पैतृक जीवन छोड़कर खुद को राम मंदिर से जुड़े कार्यों के लिए समर्पित कर दिया था। चंपत राय के परिचितों और स्थानीय लोगों ने भी उनके समर्थन में बयान दिए हैं। उनका कहना है कि चंपत राय की सार्वजनिक छवि साफ-सुथरी रही है और उन पर लगाए जा रहे आरोपों को जांच पूरी होने तक अंतिम सत्य नहीं माना जाना चाहिए।
स्थानीय लोगों ने भी किया समर्थन
कुछ स्थानीय निवासियों ने कहा कि चंपत राय वर्षों से सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं और उनके खिलाफ सामने आए आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं, उनके भाई ने दोहराया कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं होगा।
बता दें कि गुरुवार को (25 जून) SIT जांच के नतीजों के आधार पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने औपचारिक तौर पर शिकायत दर्ज करवाई। इसी शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज हुई और चंदे की गिनती करने वाले कर्मचारियों सहित आठ संदिग्ध लोगों को हिरासत में ले लिया गया। खबरों के मुताबिक आय से अधिक संपत्ति की जांच के दौरान अधिकारियों ने संदिग्ध व्यक्तियों के पास से बड़ी मात्रा में बेहिसाब नगदी और महंगी चीजें जब्त कीं।
