Rajnath Singh: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में मानवाधिकार हनन के मुद्दे को उठाते हुए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से इसका संज्ञान लेने के लिए कहा है। रक्षा मंत्री ने रविवार को कहा कि पीओके में मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन हो रहा है। पीओके में जो कुछ हो रहा है, अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को उसका संज्ञान लेना चाहिए। राजनाथ ने कहा कि PoK के लोग पाकिस्तान के साथ अब नहीं रहना चाहते। उनकी इच्छा भारत के साथ रहने की है। रक्षा मंत्री ने ये बातें रविवार को ओडिशा के खुर्दा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहीं।
ओडिशा में चुनावी रैली को संबोधित करते रक्षा मंत्री।
'अब हालात बदल गए हैं, घर में घुसकर मारता है भारत'
राजनाथ सिंह ने कहा, 'मैंने पहले कहा था कि हमें किसी पर हमला करने की जरूरत नहीं है। पीओके के लोग खुद से हमारे पास आ जाएंगे। दो दिन पहले मैंने देखा कि पीओके के लोग पाकिस्तान के झंडे को उतार रहे हैं। पीओके भारत का अभिन्न हिस्सा है और यह आगे भी रहेगा।' रक्षा मंत्री ने जम्मू कश्मीर की आतंक की घटनाओं काफी सीमित हो गई हैं। एनडीए के शासन में यह करीब-करीब जीरो पर आ गया है। जबकि यूपीए सरकार में लगातार आतंकी घटनाएं होती थीं। उन्होंने कहा, 'साल 2008 के मुंबई आतंकी हमले में हमारे आईपीएस अधिकारी शहीद हुए। तब की यूपीए सरकार क्या करती थी? लेकिन अब हालात बदल गए हैं। अब कोई भी भारत पर हमला करने की हिम्मत नहीं करता। आतंकवाद को खत्म करने की भारत की क्षमता के बारे में लोग अब जान गए हैं। वे जानते हैं कि भारत अब घर में घुस कर मारता है।'
रक्षा मंत्री ने कांग्रेस पर साधा निशाना
रक्षा मंत्री ने आगे कहा, 'फिर भी, हमने किसी भी देश पर हमला नहीं किया या किसी देश की एक इंच जमीन भी लेने की कोशिश नहीं की लेकिन पाकिस्तान हमेशा हमारे देश में उपद्रव कराने की कोशिश की।' कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सिंह ने कहा कि यह पार्टी धर्म के आधार पर आरक्षण देने का वादा कर लोगों को गुमराह कर रही है। संविधान के मुताबिक धर्म के आधार पर किसी को आरक्षण नहीं दिया जा सकता। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी वोट बैंक की राजनीति नहीं करती। वह देश निर्माण के लिए काम करती है।
