Rajkot Gaming Zone Fire: गुजरात के राजकोट स्थित टीआरपी गेमिंग जोन में आग की घटना दिल दहलाने वाली है। जिस समय आग लगी, गेमिंग जोन खचाखच भरा हुआ था। लोग अपने-अपने बच्चों के साथ वीकेंड मनाने पहुंचे थे। करीब सवा चार बजे यहां आग लगी, जिससे अफरा-तफरी मच गई और लोगों को भागने का मौका तक नहीं मिला। इस हादसे में अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें 15 से 16 बच्चे बताए जा रहे है।
अधिकारियों का कहना है कि गेमिंग जोन में लगी आग इतनी भयानक थी कि पांच किलोमीटर तक धुएं का गुबार दिखाई दिया। आग पर नियंत्रण पाने का प्रयास अभी भी किया जा रहा है और घटनास्थल से शवों के निकलने का सिलसिला अब तक जारी है। चश्मदीदों का कहना है कि गेमिंग जोन के पास कूड़े के ढ़ेर से आग लगी ओर देखते ही देखते आग भयानक होती गई। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद इस बात की जांच की जाएगी कि आग कैसे लगी।
शवों की पहचान मुश्किल
यह हादसा इतना भयानक था कि दमकल विभाग को आग पर काबू पाने में काफी वक्त लग गया। जिस कारण लोग अंदर ही फंसे रह गए। जानकारी के मुताबिक, मृतकों के शव बुरी तरह झुलस चुके हैं, जिस कारण शवों की शिनाख्त कर पाना मुश्किल हो रहा है। प्रशासन की ओर से फिलहाल इस बात की कोई जानकारी नहीं दी गई है कि जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय गेमिंग जोन में कितने लोग मौजूद थे।
मालिक गिरफ्तार, सीएम ने गठित की एसआईटी
वहीं, इस मामले में पुलिस ने गेमिंग जोन के मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। राजकोट कमिश्नर राजू भार्गव ने बताया कि गेमिंग जोन की ओनरशिप युवराज सिंह सोलंकी नामक व्यक्ति के पास है, उनके खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर घटना की जांच की जाएगी। वहीं, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल ने इस मामले में एसआईटी जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि ऐसी घटना दोबारा न हो। वहीं, प्रशासन ने राजकोट में सभी गेमिंग जोन को तत्काल बंद करने का आदेश जारी किया है।
बिना एनओसी चल रहा था गेमिंग जोन
पुलिस ने इस हादसे में अब तक गेमिंग जोन के मालिक युवराज सिंह सोलंकी को गिरफ्तार किया है। उसके तीन और पार्टनर्स की पुलिस को तलाश है।
बताया जा रहा है गेम जोन के पीछे के हिस्से में रेनोवेशन का काम चल रहा था, दो दिन पहले भी शॉर्ट सर्किट हुआ था। इसके बाद गेम जोन बंद था, आज फिर जब खुला तो इतनी बड़ी आग लग गई। सूत्र ये भी बता रहे है की गेम जोन चालू करने के पहले राजकोट म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन से NoC नहींं लिया गया था।
