Raksha Bandhan 2026: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रक्षाबंधन के मौके पर अपनी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ एक तस्वीर शेयर की है। तस्वीर के साथ राहुल गांधी ने देशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं भी दीं।
रक्षाबंधन के मौके पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बहन प्रियंका के साथ तस्वीर शेयर की। Rahul Gandhi X handle
राहुल गांधी ने लिखा, "सभी देशवासियों को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं।” उन्होंने आगे कहा कि भाई-बहन के बीच स्नेह का यह अटूट रिश्ता प्यार और विश्वास के साथ और मजबूत होता रहे।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की यह तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की गई है, जिसमें दोनों भाई-बहन साथ नजर आ रहे हैं। रक्षाबंधन के मौके पर शेयर की गई इस पोस्ट में राहुल गांधी ने भाई-बहन के रिश्ते को प्रेम और विश्वास का प्रतीक बताया।
स्नेह, अपनत्व और आपसी विश्वास की डोर सदैव अटूट बनी रहे: पीएम मोदी
वहीं, रक्षाबंधन के अवसर पर देश के शीर्ष नेतृत्व ने समस्त देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया के माध्यम से देश और विदेश में रह रहे सभी भारतीयों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आपसी विश्वास की कामना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर देशवासियों को बधाई देते हुए लिखा, 'रक्षाबंधन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। यह पावन पर्व आप सभी के जीवन में खुशहाली, समृद्धि और सफलता लेकर आए। स्नेह, अपनत्व और आपसी विश्वास की डोर सदैव अटूट बनी रहे, यही कामना है।'
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी 'X' पर पोस्ट साझा करते हुए देशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, 'समस्त देशवासियों को भाई-बहन के अटूट स्नेह और विश्वास को समर्पित 'रक्षाबंधन' के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं। यह पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए।'
राष्ट्रपति मुर्मू ने पोस्ट में क्या लिखा?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर अपने संदेश में कहा कि यह त्योहार प्राचीन काल से ही भारतीय संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग रहा है। राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा: सुरक्षा का पवित्र धागा: कलाई पर श्रद्धापूर्वक बांधा जाने वाला राखी का धागा सुरक्षा का एक पवित्र बंधन माना गया है। प्राचीन मंत्रों का उल्लेख: राष्ट्रपति ने श्लोकों और मंत्रों का उल्लेख करते हुए 'रक्षे, मा चल, मा चल' का जिक्र किया, जिसका अर्थ है-'यह रक्षा का बंधन सदैव बना रहे।' सहानुभूति और सहयोग: उन्होंने आगे कहा कि यह पर्व हमें याद दिलाता है कि हर मानवीय रिश्ता विश्वास, संवेदनशीलता और आपसी सहयोग की मजबूत नीवों पर टिका होता है।
