कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक फैक्ट्री से बंधुआ मजदूरों के बचाए जाने के मामले को मानव गरिमा पर हमला करार दिया है। उन्होंने इसके दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ितों को न्याय के साथ पुनर्वास भी उपलब्ध कराया जाए।
राहुल गांधी।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में अपनी प्रतिक्रिया दी थी। हिंदी में लिखे हुए इस पोस्ट में उन्होंने कहा कि मजदूरों के साथ जो व्यवहार किया गया, वह बेहद भयावह और मानवता को शर्मसार करने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूरों से बिना वेतन के काम कराया गया और उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया।
'भालों से गोदा गया...कोड़े मारे गए, यह मानवीय गरिमा के खिलाफ'
राहुल गांधी ने लिखा, "मुजफ्फरनगर में मजदूरों को बंधुआ बनाकर रखने का मामला बेहद चौंकाने वाला है। मजदूरी दिए बिना काम कराने के अलावा उन्हें कुत्तों से कटवाया गया, भालों से गोदा गया, कोड़े मारे गए और पशुओं का चारा खाने के लिए मजबूर किया गया। यह मानव गरिमा पर सीधा हमला है। पीड़ितों को न्याय और पुनर्वास मिलना चाहिए तथा दोषियों को कठोरतम सजा दी जानी चाहिए।"
'यह ढहती हुई अर्थव्यवस्था के मलबे का एक उदाहरण'
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में यह सवाल भी पूछा जाना चाहिए कि आखिर मजदूर किन मजबूरियों के कारण इतनी खतरनाक परिस्थितियों में फंस जाते हैं।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि यह ढहती हुई अर्थव्यवस्था के मलबे का एक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि जब रोज़गार ख़त्म हो जाते हैं, आमदनी ठहर जाती है, और सबसे कमज़ोर वर्गों के लिए बने मनरेगा और श्रम कानूनों जैसी सुरक्षाएं कमज़ोर कर दी जाती हैं, तो हताशा बढ़ती जाती है। जिन लोगों के पास कोई और विकल्प या सुरक्षा नहीं होती, वो ऐसे शोषण का आसान शिकार बन जाते हैं।
पुलिस ने दी थी ये जानकारी
इससे पहले, मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ने बताया कि कार्यपालक मजिस्ट्रेट राधेश्याम गौर के नेतृत्व में टीम ने तितावी थाना क्षेत्र के मंडी गांव स्थित फैक्ट्री पर छापा मार कर 12 बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया था। पुलिस के अनुसार मुक्त कराए गए मजदूर हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, झारखंड, बिहार, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल के रहने वाले हैं। इन्हें 8 से 12 हजार रुपये मासिक वेतन, भोजन और अन्य सुविधाओं का लालच देकर फैक्ट्री में लाया गया था। यहां पहुंचने के बाद उनके मोबाइल फोन और आधार कार्ड छीन लिए गए तथा उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जाती थी।
फैक्ट्री मालिक के खिलाफ मामला दर्ज, इनकी हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने फैक्ट्री मालिक अंकित बालियान, प्रदीप बालियान और शिवा त्यागी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), बंधुआ मजदूरी प्रथा (उन्मूलन) अधिनियम और बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। साथ ही प्रदीप बालियान और शिवा त्यागी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि फैक्ट्री मालिक अंकित बालियान फिलहाल फरार है और उसकी तलाश जारी है।
