Rahul Gandhi: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने नए संसद भवन के उद्घाटन में राष्ट्रपति को नहीं बुलाए जाने को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। राहुल ने कहा कि संसद के नए भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों नहीं कराया जाना और समारोह में भी उन्हें आमंत्रित नहीं किया जाना देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान है। उन्होंने यह भी कहा कि संसद अहंकार के इंटों से नहीं, बल्कि संवैधानिक मूल्यों से बनती है।
देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान...
राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘राष्ट्रपति से संसद का उद्घाटन न करवाना और न ही उन्हें समारोह में बुलाना देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान है। संसद अहंकार की ईंटों से नहीं, बल्कि संवैधानिक मूल्यों से बनती है। वहीं, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट कर कहा, ‘संसद में 'लोकतंत्र' की शहनाई बजनी चाहिए, लेकिन जब से स्वघोषित विश्वगुरु पधारे हैं 'एकतंत्र' की तोप चलाई जा रही है। इमारत नहीं, नीयत बदलो!’विपक्ष के 19 दल करेंगे बहिष्कार
विपक्ष के 19 दलों ने बुधवार को ऐलान किया कि वे संसद के नए भवन के उद्घाटन समारोह का सामूहिक रूप से बहिष्कार करेंगे क्योंकि इस सरकार के कार्यकाल में संसद से लोकतंत्र की आत्मा को निकाल दिया गया है और समारोह से राष्ट्रपति को दूर रखकर अशोभनीय कृत्य किया गया है। उन्होंने एक संयुक्त बयान में यह आरोप भी लगाया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को उद्घाटन समारोह से दरकिनार करना और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा संसद के नए भवन का उद्घाटन करने का फैसला लोकतंत्र पर सीधा हमला है।
28 मई को पीएम करेंगे उदघाटन
बता दें कि कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मई को संसद के नए भवन का उद्घाटन करेंगे। इसी दिन मोदी सरकार के 9 साल भी पूरे हो रहे हैं। मई 2016 में ही पहली बार मोदी सरकार का गठन हुआ था। नए संसद भवन को लेकर सियासी विवाद छिड़ा हुआ है। कांग्रेस सहित 19 विपक्षी दलों ने इसके उद्घाटन समारोह का बहिष्कार किया है। हालांकि, केंद्र सरकार ने इनसे अपने फैसले पर दोबारा विचार करने की अपील की है।
