पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने मान सरकार को नसीहत देते हुए एक ऐसा दावा कर दिया है, जिससे एक दूसरे राज्य में हंगामा मच सकता है। पुरोहित ने दावा किया है कि तमिलनाडु में वीसी यानि कि कुलपति की कुर्सी 40-50 करोड़ में बिकती थी।
पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित
दरअसल पंजाब से पहले पुरोहित तमिलानाडु के राज्यपाल थे। अब जब पंजाब में वीसी की नियुक्ति को लेकर राज्यपाल और राज्य सरकार में ठनी है, तो उन्होंने ये दावा किया है। पुरोहित ने कहा- “मैं चार साल तक तमिलनाडु का राज्यपाल रहा। वहां बहुत बुरा हाल था। तमिलनाडु में, कुलपति का पद, 40-50 करोड़ में बेचा जाता था।"
Chandigarh | I was Tamil Nadu Governor for 4 years. It was very bad there. In Tamil Nadu, the Vice-Chancellor post… t.co/WY0ftDSe9l
— ANI (@ANI) Oct 21, 2022
आगे पुरोहित ने मान सरकार को नसीहत देते हुए कहा-"जब मैं वहां (तमिलनाडु) राज्यपाल था तब मैंने कानून के अनुसार तमिलनाडु में विश्वविद्यालयों के 27 कुलपतियों की नियुक्ति की थी। उन्हें (पंजाब सरकार) मुझसे सीखना चाहिए कि काम कैसे होता है। मैं यह भी नहीं जानता कि पंजाब में कौन सक्षम है और कौन सक्षम नहीं है। मैं यह देखता हूं कि शिक्षा में सुधार हो।"
पंजाब में विश्वविद्यालयों में नियुक्ति को लेकर जारी विवाद पर राज्यपाल ने कहा कि पंजाब सरकार कह रही है कि राज्यपाल विश्वविद्यालयों के कामकाज में हस्तक्षेप कर रहे हैं। निर्णय लेने की शक्ति राज्यपाल के पास नहीं है। उन्होंने कहा- "राज्य सरकार विश्वविद्यालयों के मामलों में दखल नहीं दे सकती। सरकार ने तीन बार वीसी को एक्सटेंशन के लिए पत्र भेजा, यदि राज्यपाल की नियुक्ति में कोई भूमिका नहीं है, तो विस्तार देने में उनकी भूमिका कैसे हो सकती है?"
पुरोहित ने इससे पहले सीएम मान को पत्र लिखकर लुधियाना के पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में "अवैध रूप से नियुक्त" कुलपति सतबीर सिंह को बिना किसी और देरी के हटाने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि कुलपति को "यूजीसी के मानदंडों का पालन किए बिना और चांसलर की मंजूरी के बिना" नियुक्त किया गया है।
